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कैश की किल्लत से ग्रामीण क्षेत्रों में बिगड़ने लगे हालात

Wed, 23 Nov 2016 11:15 PM IST
Sant Kabir Nagar
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बखिरा में सुबह से ही लोग आंध्रा बैंक की शाखा के बाहर कतार लगाने लगे। बैंक खुलने से पहले ही यहां लंबी कतार लग गई थी। - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के 15वें दिन हालात पूरी सामान्य नहीं हुए। ग्रामीण क्षेत्रों में दिन प्रतिदिन स्थिति बिगड़ती दिख रही है। बुधवार को पूर्वांचल बैंक की अधिकांश शाखाओं पर ताला लटका मिला। वहीं बैंकों की देहात शाखाओं में रकम की किल्लत दूर न होने से लोगों को कही एक तो कहीं दो हजार रुपये ही मिल पा रहे हैं। यहां के एटीएम बंद हैं। कब इनमें रकम डलेगी यह तय नहीं है। दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में भले ही दोपहर बाद बैंकों में भीड़ कम हो जा रही है, लेकिन एटीएम के बाहर सुबह से लग रही कतार तभी खत्म हो रही है, जब एटीएम में कैश खत्म हो रहा है। वहीं पूर्वांचल बैंक टेमा रहमत शाखा के प्रबंधक अरविन्द श्रीवास्तव ने बताया कि कैश न होने की सूचना जब लोगों को दी गई तो भीड़ आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगी। इसके बाद शाखा को बंद कर दिया गया। 
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मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के बैंकों में रकम की कमी बनी रही। बैंकों के बाहर खाताधारक दिनभर अपनी जरूरतों के हिसाब से रकम की निकासी के लिए कतार में लगे रहे। इनमें से अधिकांश लोग पांच-पांच रुपये के सिक्के के 12500 रुपये का गट्ठर लेकर बाहर निकले। जबकि पूरे दिन रकम की कमी के कारण एटीएम बंद रहे। पूर्वांचल ग्रामीण बैंक गुलरिहा पर तो पैसे की कमी का नोटिस बोर्ड लगाकर प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया था। एसबीआई मेंहदावल शाखा के प्रबंधक प्रेमलाल ने बताया कि रकम की उपलब्धता होने तक तो खाताधारकों को दो-दो हजार रुपये का भुगतान किया गया। रकम खत्म होने के बाद कुछ खाताधारकों को पांच रुपये के सिक्के दिए गए। इसी प्रकार पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, कारपोरेशन बैंक पर भी कुछ देर तक खाताधारकों को दो-दो हजार रुपये का भुगतान किया गया। कैश समाप्त होने के बाद भुगतान बंद करके जमा करने का काम चलाया गया।            
 
वहीं धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार नोटबंदी के आदेश के बाद बैंकों से किये जाने वाले कैश भुगतान का आदेश सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गया है। कैश न होने के कारण पूर्वांचल बैंक महुली में भुगतान नहीं हुआ। वहीं एसबीआई की शाखाओं पर मात्र दो हजार रुपये के निकासी से उपभोक्ता नाराज दिखे। पूर्वाचल बैंक की शाखा महुली, नाथनगर में कैश न होने के कारण किसी भी खाता धारक या अन्य व्यक्ति को भुगतान नहीं दिया गया। पंजाब नेशनल बैंक की नाथनगर शाखा पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लगी नजर आई। लाइन में खडे़ रविचंद, चुन्नीलाल, अशोक कुमार आदि का कहना है कि खेतों की बुआई के लिए किसी को 10 हजार तो किसी को 20 हजार पये की आवश्यकता है लेकिन बैंककर्मी कैश कीरु कमी का हवाला देकर किसी को एक हजार तो किसी को दो हजार पकड़ा रहे हैं। स्टेट बैंक नाथनगर पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लम्बी लाइन लगी रही। यहां लाइन में खडी बीना देवी, इंद्रेश कुमार, माधुरी आदि का कहना है कि बैंक में कैश न होने की बात कही गई है। सिर्फ खातों में जमा करने की ही छूट दी गई है। पूर्वांचल ग्रामीण बैंक धनघटा के प्रबंधक इरफानुल्लाह ने कहा कि कैश नहीं आया और न ही आज आने की उम्मीद थी इस कारण बैक समय से पहले बंद करना पड़ा। बैंकों पर नोट के कमी होने की सूचना पर पुलिस महकमा सतर्क रहा। हर जगह पुलिस कर्मी मुस्तैद देखे गए। 
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हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार, दोपहर तक अधिकांश बैंकों में कैश खत्म होने लगा। ऐसे में कई लोग खाली हाथ ही घर लौटे। पूर्वांचल बैंक पौली, शनिचरा बाजार, धनघटा, अशरफपुर, टाडा, हैंसर बाजार पर कैश न होने के कारण बाहर ताला लटका रहा तो अंदर बैक कर्मी अन्य काम निपटा रहे थे। लेकिन जब बाहर ग्राहकों ने दबाव बनाया तो बैंक कर्मी बाहर आ गए और बैंक के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया कि कैश न होने के कारण बैक बंद किया गया है। नोटिस चस्पा करने के बाद बैंककर्मी चले गए। सुबह से शाम तक बैंक के बाहर खड़े राधेश्याम, पप्पू, परदेशी, बलिराम, माधव, कृष्णगोपाल आदि का कहना था कि लगन तेज है।  न्यौता देने जाना है खेती के लिए खाद भी खरीदना था लेकिन रुपये नहीं मिले। वही दूसरी तरफ पीएनबी धनघटा और उमरिया बाजार पर दो बजे तक एक-एक हजार रुपये ग्राहकों को दिया गया। इसके बाद हाथ खड़े कर दिए। एसबीआई धनघटा और हैंसर का भी यही हाल रहा। मगहर प्रतिनिधि के अनुसार, नगर पंचायत मगहर स्थित स्टेट बैंक में लेनदेन तो था परंतु एटीएम नहीं काम कर रहे थे, जबकि सिंडिकेट बैंक और एटीएम में रकम नहीं थी। ऐसे में उपभोक्ता भटकते रहे। स्टेट बैंक के प्रबंधक आरपी तिवारी ने बताया कि उपभोक्ताओं को उनके खाते से रुपये दिए गए और जमा का कार्य होता रहा। सिंडिकेट बैंक के प्रबंधक मनीष द्विवेदी ने कहा कि रुपये नहीं आने के कारण लोगों को नहीं दिया जा सका। एक उपभोक्ता ने 25 सौ रुपये जमा किया था वही पेमेंट दिया गया जबकि एटीएम भी पैसा न होने की वजह  से बंद रहा।

 कांटे प्रतिनिधि के अनुसार चुरेब चौराहे पर स्थित एचडीएफसी बैंक का एटीएम बंद रहा। शाखा प्रबंधक अशोक पाठक ने बताया की एटीएम सुबह दो घंटे चलने के बाद खराब हो गया। एटीएम खराब होने की सूचना संबंधित को दे दी गई है। पूर्वांचल बैंक मीरगंज में ताला लगा मिला। राम फेर ,रामचंद्र ,मुबारक, युसूफ अली ,अमजद अली ,राम सिंह ,राम जन्म ,रणजीत चौधरी ने कैश न मिलने पर आक्रोश जताया। शाखा प्रबंधक एनपी दुबे ने बताया की कैश न होने के कारण भुगतान नही हो पा रहा है जबकि पुराने नोटों को जमा किया जा रहा है। इसी तरह टेमा रहमत पूर्वांचल बैंक पर कैश न होने के कारण बैंक बंद होने की नोटिस चस्पा कर दिया गया।  शाखा प्रबंधक अरविन्द श्रीवास्तव ने बताया की जब वह सुबह 10 बजे बैंक पर आये है तो यहां काफी भीड़ थी। कैश न होने की सूचना जब लोगों को बताया गया तो भीड़ आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगी। इससे बैंक के सभी कर्मचारी बैंक से हट गये। दोपहर बाद बैंक को खोला गया और कैश जमा किया गया। विश्वनाथपुर में पूर्वांचल बैंक पर कैश न होने से ताला लटका रहा, यहां कैश न होने की नोटिस चस्पा कर दी गई थी। वहीं लीड बैंक के मैनेजर केजी तिवारी ने बताया कि बैंक प्रबंधन और प्रशासन की डिमांड के अनुसार  कैश नहीं मिल पा रहा है। इस कारण कैश की जिले में कुछ दिक्कत है। इसी के चलते पूर्वांचल बैंक की कुछ शाखाएं बुधवार को बंद रहीं। 
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