- लाल निशान से महज 60 सेंटीमीटर नीचे बह रही राप्ती, जलस्तर 78.90 मीटर पर पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी
मेहदावल। लगातार हो रही बारिश का असर जिले में बहने वाली नदियों के जलस्तर पर दिखने लगा है। मंगलवार को राप्ती नदी का जलस्तर 78.90 सेंटीमीटर पर पहुंच गया। 24 घंटे में राप्ती का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ गया। राप्ती लाल निशान से महज 60 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। इसके चलते तटबंध से सटे गांव के लोगों में दहशत है।
मेंहदावल विकास खंड क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जहां पूर्व में नदी का जलस्तर 73 मीटर था। वहीं तीन दिनों से नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। शनिवार को राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई थी। शनिवार को राप्ती का जलस्तर 77.10 मीटर था जो लाल निशान से 2.40 मीटर नीचे बह रही थी।
वहीं रविवार की शाम से राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने लगा और सोमवार को राप्ती के जलस्तर में जबरदस्त उछाल लाया। जलस्तर बढ़कर 78.30 मीटर पर पहुंच गया। लाल निशान से सोमवार को राप्ती 1.10 मीटर नीचे बह रही थी, लेकिन मंगलवार को राप्ती का जलस्तर 78.90 मीटर पर पहुंच गया जो लाल निशान से महज 60 सेंटीमीटर नीचे है।
जलस्तर बढ़ने से नौगो, विशुनपुर वागर, बेलौली, बढ़या आदि गांव के पास जलस्तर का दबाव तटबंध पर पड़ना शुरू हो गया है। सहायक अभियंता के नेतृत्व में अवर अभियंताओं की टीम तटबंध पर डेरा डाले हुए है। बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं। हालत यह है कि बढ़ते जलस्तर को लेकर तटबंध से सटे दर्जनों गांव के लोग दहशत में हैं।
बेलौली, नौगों निवासी राम जतन, राम प्रीत, संदीप, राजमन आदि ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अगर यही हाल रहा तो नदी तटबंध के ऊपर से बहने लगेगी। तटबंध की मरम्मत भी सही तरीके से नहीं हुई है।
दूसरी तरफ तटबंध पर मौजूद रेनकट व रैटहोल का काम ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारियों ने पूरा कर लिया है।
इस संबंध में सहायक अभियंता राम उजागिर लाल का कहना है कि करमैनी-बेलौली तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। जल स्तर बढ़ने से कहीं-कहीं तटबंध पर दबाव जरूर है लेकिन इससे बांध को कोई नुकसान नहीं होगा। जलस्तर 78.90 मीटर पर स्थिर हो गया है।