जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर माैजूद लोग।
संतकबीरनगर। डिप्टी सीएम ने आगामी त्योहार और गर्मी को लेकर अस्पतालों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं लेकिन जिला अस्पताल में ऐसी व्यवस्था नहीं है कि मरीजों को 24 घंटे सेवा मिल सके। सबसे अधिक दिक्कत अल्ट्रासाउंड कराने में आ रही है। दोपहर के बाद मरीजों को सुविधा नहीं मिलती है।
दरअसल, रेडियोलॉजी विभाग केवल एक चिकित्सक के सहारे चल रहा है। जो 11 बजे तक एमसीएच विंग में उसके बाद दो बजे तक जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करते हैं। ऐसे में मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। पांच दिन पूर्व डीएम आलोक कुमार के निरीक्षण में भी यह मामला उठा था तो उन्होंने सीएमओ को इसके लिए पत्राचार करने का निर्देश दिया था। जिला अस्पताल में दोपहर तक ओपीडी होने के बाद ज्यादातर मशीनें बंद हो जाती हैं। यहां पर अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था भी है लेकिन दो बजे के बाद मरीजों को इसकी सुविधा नहीं मिलती है।
इसकी वजह से बाहरी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जाना मरीजों की मजबूरी हो जाती है। जिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड विभाग में मात्र एक रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक की तैनाती है। जिनकी ड्यूटी सुबह से दोपहर तक रहती है। दोपहर दो बजे के बाद यह बंद हो जाता है। सबसे पहले वह एमसीएच विंग में सुबह आठ बजे से 11 बजे तक अल्ट्रासाउंड करते हैं। उसके बाद वह 11 बजे से दो बजे तक जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करते हैं।
अस्पताल में करीब 60 से 70 मरीज अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आते हैं लेकिन आधे से ज्यादा मरीज वापस लौट जाते है। अल्ट्रासाउंड कराने आए सियरासांथा निवासी सतेंद्र कुमार, बघौली निवासी जयकरन ने बताया कि दो घंटे से अल्ट्रासाउंड के इंतजार में बैठे है कब अल्ट्रासाउंड होगा यह पता नहीं चल पा रहा है। दो बजे सेंटर बंद भी हो जाएगा।
ऐसे में अगर इसकी सेवा शाम तक मिले तो मरीजों की भीड़ कम हो सकती है। बाहर तो 800 रुपये लगते है, यहां नि:शुल्क है लेकिन व्यवस्था सही नहीं है।