संतकबीरनगर। जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की उपस्थिति को ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया गया है। ऑनलाइन हाजिरी के आधार पर अब जिले की रैंकिंग तय होगी। इसकी निगरानी के लिए स्टूडेंट अटेंडेंस प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री डैश बोर्ड से जोड़ दिया गया है। हर महीने ऑनलाइन उपस्थिति की निगरानी से जिले की रैंकिंग तय की जाएगी।
जिले में 1247 परिषदीय स्कूलों में एक लाख 3 हजार बच्चे पढ़ते हैं। बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति और ठहराव के लिए शासन की तरफ से मिड-डे-मील, निशुल्क ड्रेस योजना, निशुल्क पाठ्यपुस्तक सहित तमाम जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसके बाद भी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति शत प्रतिशत नहीं हो पा रही है। अब विभाग की तरफ से छात्र-छात्राओं की उपस्थिति के लिए सख्ती शुरू कर दी गई है।
बच्चों की हाजिरी प्रेरणा पोर्टल के जरिए ऑनलाइन दर्ज की जाएगी, इसे सीएम डैशबोर्ड से जोड़ा गया है। अक्तूबर से ही इस पर काम शुरू हो गया है। विभाग ने वर्ष 2023 में स्कूलों की 12 अलग अलग पंजिकाओं को डिजिटल रूप में संचालित करने का आदेश दिया था, इनमें छात्र उपस्थिति पंजिका भी शामिल थी।
हालांकि, शुरू में कुछ शिक्षक संगठनों ने इस व्यवस्था का विरोध किया था, विशेषकर ऑनलाइन हाजिरी को लेकर, लेकिन अब इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू कर दिया गया है। स्टूडेंट अटेंडेंस सिस्टम की निगरानी हर महीने की जाएगी। इस नई व्यवस्था का मकसद स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति को बढ़ाना और उसकी नियमित निगरानी करनी है।
अधिकारियों की मानें तो कक्षावार डिजिटल उपस्थिति अब सीधे सीएम डैशबोर्ड पर दिखेगी। किसी भी स्कूल में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक के साथ-साथ संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को भी जवाबदेह माना जाएगा।