जलभराव से ग्रामीणों को मिली राहत, महुली के बंधुपुर गांव का मामला
महुली । थाना क्षेत्र के बंधुपुर गांव में 15 दिनों से जल निकासी बाधित होने के कारण मुख्य मार्ग पर जलभराव हो गया। मंगलवार को पुलिस की पहल पर बंद की गई पाइप नाली खुलवाई गई, और जल निकासी सुचारु हुई। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
ग्रामीणों के अनुसार, मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण कई परिवारों का आवागमन प्रभावित हो गया था। स्कूली बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल था। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान मुंद्रिका देवी तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य पूनम दुसाध से शिकायत की। इसके बाद डायल-112 पर सूचना दी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में कुछ लोगों द्वारा पाइप नाली को सीमेंट-गिट्टी डालकर बंद किए जाने की बात सामने आई। ग्राम प्रधान ने पुलिस को बताया कि सरकारी भूमि से पांच वर्षों से राजस्व विभाग की पैमाइश के आधार पर जल निकासी होती रही है, लेकिन कुछ लोगों ने जबरन पानी का रास्ता रोक दिया।
मामले की जानकारी मिलने पर महुली थाना प्रभारी दुर्गेश पांडेय के निर्देश पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और बंद नाली खुलवाकर जल निकासी बहाल कराई।
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी बंद होने से पूरे गांव में गंदगी फैल गई थी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी पैदा हो गया था। जलभराव के कारण लोग रास्ते में फिसलकर घायल हो रहे थे। आए दिन विवाद की स्थिति भी बन रही थी।
ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया कि पाइप उपलब्ध होने के बावजूद कुछ लोग उसे लगाने नहीं दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों के समय पर मौके पर नहीं पहुंचने से समस्या और बढ़ी।
ग्रामीणों ने हल्का लेखपाल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वर्षों से जिस सरकारी भूमि से जल निकासी होती थी, उसे एक व्यक्ति विशेष के पक्ष में दिखाया गया, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर स्थायी समाधान की मांग की है।
ग्रामीण रीमा दुसाध, शकुंतला, शांति, गीता, विंदु, पंचराम, सुदामा, गायत्री, रामप्रकाश, जवाहिर, पुष्पा, कैलाशी, संगीता, विजय, सरस्वती, इसरावती और हफीजुल्लाह सहित अन्य लोगों ने बताया कि पूरे गांव का गंदा पानी पाइप नाली के माध्यम से सरकारी भूमि स्थित गड्ढे में जाता था, जिसे बंद कर दिए जाने से जलनिकासी पूरी तरह बाधित हो गई थी। उनका कहना है कि यदि स्थायी समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में फिर विवाद की आशंका बनी रहेगी।