सेमरियावां। अनधिकृत एवं अमान्य विद्यालयों के संचालन और नियम विरुद्ध चल रहे निजी कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने ऐसे विद्यालयों व कोचिंग सेंटर पर अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर पर विभिन्न ब्लॉकों के लिए नौ जांच टीमें गठित कर दी हैं। प्रत्येक टीम में तीन अधिकारियों को शामिल किया गया है। जो अवैध विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों की जांच कर रिपोर्ट देंगी।
अमान्य विद्यालयों व कोचिंग संस्थान के अवैध नामांकित छात्रों का नामांकन किस मान्यता प्राप्त विद्यालय में किया गया है, इसकी भी जांच होगी। यह कदम शिक्षा विभाग द्वारा अवैध रूप से चल रहे स्कूलों को चिह्नित कर उन पर कार्रवाई करने के उद्देश्य से उठाया गया है। खलीलाबाद, सेमरियावां, बघौली, मेंहदावल, सांथा, बेलहरकला, हैंसर, नाथनगर, पौली समेत नौ ब्लाॅक हैं।
इनमें कई स्थानों पर अनाधिकृत व अमान्य विद्यालयों और नियम विरुद्ध निजी कोचिंग संस्थान संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। यही नहीं कई विद्यालयों में मान्यता आठवीं कक्षा तक होने के बाद भी पढ़ाईं हाईस्कूल और कई में हाईस्कूल और पढ़ाई इंटरमीडिएट तक कराई जा रही है।
इसको रोकने के लिए जनपद स्तर से गठित जांच टीमों में विभिन्न राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रवक्ता एवं शिक्षकों को शामिल किया गया है। इन टीमों को अपने अपने आवंटित ब्लॉकों में नियमित रूप से निरीक्षण करने सत्यापन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच के दौरान विद्यालयों के मान्यता प्रमाणपत्र, आधारभूत सुविधाएं, शिक्षक-छात्र अनुपात तथा सुरक्षा मानकों की पड़ताल की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान यदि कहीं अवैध संचालन मिलता है तो उसे तत्काल बंद कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस बल की सहायता भी ली जाएगी। साथ ही सभी टीमों को अपने निरीक्षण की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप पर 19 मई तक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है, ताकि छात्रों को पूर्ण शिक्षा मिल सके और अभिभावकों के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो।
प्रशासन ने सभी विद्यालय संचालकों और कोचिंग संचालकों को निर्देश दिया है कि वे अपने दस्तावेज पूरे रखें और नियमों का पालन सुनिश्चित करें। अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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यदि किसी क्षेत्र में बिना मान्यता के विद्यालय या नियम विरुद्ध कोचिंग संस्थान संचालित पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने तत्काल ऐसे संचालकों को अवैध संचालन बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसको रोकने के लिए जनपद स्तर से गठित जांच टीमों में विभिन्न राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रवक्ता एवं शिक्षकों को शामिल किया गया है। शासन की मंशा के अनुरूप जिले में अनुशासन एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। किसी भी स्थिति में नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-हरिश्चंद्र नाथ, जिला विद्यालय निरीक्षक