संतकबीरनगर। रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर मिठाइयों का बाजार काफी गर्म है। डिब्बा बंद मिठाइयों से बाजार पटा हुआ है। गोरखपुर से चमचम, पेड़ा, लड्डू और अन्य डिब्बा बंद मिठाइयां आ रही हैं। वहीं खाद्य विभाग की टीम लगातार छापा भी मार रही है। मिठाइयों के नमूने भी लिए जा रहे हैं, इसके बाद भी मिलावट पर लगाम नहीं लग रही है। व्यापारी इस रक्षाबंधन 70 लाख के कारोबार की उम्मीद जता रहे हैं।
बता दें कि रक्षाबंधन के पर्व पर मिठाई और पनीर की डिमांड सबसे अधिक रहती है। भाई अपने बहनों के घर पर मिठाई लेकर जरूर जाते हैं, लेकिन वह जो मिठाई खरीद रहे है उसमें मिलावट तो नहीं है इसके प्रति सजग रहने की जरूरत है। सबसे ज्यादा रेडिमेड मिठाई बाजार में आ गए हैं, गोरखपुर से इन मिठाइयों की सप्लाई हो रही है। दुकानदारों को यह मिठाई सस्ते में मिल जा रही है ऐसे में उन्हें कारीगर रखकर अतिरिक्त मिठाई बनाने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
लोग इन मिठाइयों को खरीदते भी हैं। लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता है कि जो मिठाई वह खरीद रहे हैं वह शुद्ध नहीं है। शहर के एक मिठाई दुकानदार ने बताया कि पेड़ा में मैदा भी मिलाते है। शुद्ध दूध का पेड़ा काफी महंगा होता है। वह 500 रुपये किलो तक बिकता है, लेकिन मिलावटी पेड़ा 200 से 250 रुपये किलो तक बाजार में आ जाता है। यह रेडिमेड होता है। यही हाल लड्डू का होता है। इसमें भी मिलावटी की जा रही है। खाद्य विभाग की टीम भी पिछले 10 दिनों लड्डू के कई नमूने लिए हैं।
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150 क्विटंल पनीर की होगी खपत
कारोबारियों के मुताबिक रक्षाबंधन पर्व पर पनीर की खपत ज्यादा होती है। इस बार पनीर की अधिक खपत की संभावना दुकानदार जता रहे हैं।। पनीर बेचने वाले राजन अग्रहरी ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन पर्व पर जिले 150 क्विंटल पनीर की खपत हो सकती है। इसके लिए शुद्ध पनीर के लिए दूध खुद फाड़ा गया है।
10 दिनों में पनीर के लिए गए आठ नमूने
खाद्य व औषधि प्रशासन की टीम ने 10 दिनों में पनीर, दाल, पेड़ा, लड्डू, आदि के कुल आठ नमूने लिए हैं। इन नमूनों को बनारस लैब में जांच के लिए भेजा है। उपायुक्त खाद्य सतीश कुमार ने बताया कि खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नमूनों की पांच माह भी नहीं आई रिपोर्ट
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग जब त्योहार आता है, तभी अधिक सतर्क होता है। इसमें जो नमूने लिए जा रहे है, उसकी रिपोर्ट 40 दिन में आने का नियम है। ऐसे में मिलावटी पदार्थ के खपत की पूरी आशंका होती है। वहीं होली के समय खोआ, पनीर, दाल, बेसन, चना, पेड़ा, लड्डू आदि के नमूने लिए गए है, जिसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है
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असली पनीर को पहचाने
असली और नकली पनीर की पहचान जरूरी है। इसको हाथों से मसलकर लगा सकते हैं। पनीर मसलने के बाद टूटकर गिरने लगता है। तो पनीर नकली है। नकली पनीर की पहचान पानी में उबालकर भी कर सकते हैं। इसके लिए पनीर को पानी में उबालने के लिए रखना है। इसके बाद पनीर को पानी से निकालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा होने के बाद पनीर पर सोयाबीन या अरहर का पाउडर डालकर 10 मिनट के लिए छोड़ देना है। ऐसा करने के बाद अगर पनीर का रंग हल्का लाल हो जाता है तो खरीदा गया पनीर डिटर्जेंट या यूरिया से बनाया गया है।
कोट
पर्व के बाद शुगर, ब्लड प्रेशर से अधिक पेट संबंधी बीमारियों से पीड़ित अस्पताल पहुंचते हैं। यदि बाजार से मिठाई खरीदनी है तो वहां की सफाई, मिठाई कब की बनी है इन सब बातों का ध्यान रखें। गुणवत्ता विहीन मिठाई खाने से अस्थमा, शुगर व ब्लड प्रेशर के मरीजों की दिक्कत बढ़ जाती है। इसलिए खानपान का विशेष ख्याल रखें। इसे खाने से पेट संबंधी बीमारी हो सकती है। केमिकल युक्त दूध व अन्य सामग्री लीवर को प्रभावित करती है।
-डॉ. रमाशंकर, वरिष्ठ फिजिशियन जिला अस्पताल