झिंगुरापार में खलिहान की जमीन देखते डीएम महेंद्र सिंह तंवर तथा तहसील के अन्य अधिकारीगण
धनघटा। हाईकोर्ट के आदेश पर गांव में खलिहान की जमीन पर कब्जे की जांच के लिए डीएम महेन्द्र सिंह तंवर सोमवार को धनघटा तहसील के झिंगुरापार गांव में पहुंचे। उनको मौके पर खलिहान की जमीन खाली मिली। यही नहीं जिस गाटे पर कब्जे की बात कही जा रही थी, वह गाटा ग्रामसभा की जमीन में मौजूद ही नहीं थी।
बता दें कि तहसील क्षेत्र के झिंगुरापार निवासी अकरम पुत्र अकबाल ने उच्च न्यायालय में गांव में स्थित खलिहान की जमीन गाटा संख्या 465 पर कब्जे की शिकायत की थी। मौके पर इस जमीन पर किसी भी प्रकार का कोई कब्जा नहीं था। इस वाद में ग्राम पंचायत के गाटा नंबर 1638, 1639, 1652, 1952 का भी उल्लेख किया गया है जबकि कि इन नंबरों की जमीन ग्राम पंचायत में मौजूद ही नहीं है। गांव की जमीन के कुल गाटों की संख्या मात्र 714 ही है।
जिला प्रशासन की ओर से न्यायालय को भेजे गए जवाब में जब इस बात का खुलासा हुआ तो न्यायालय ने पुनः जिला प्रशासन को शपथ के साथ हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया। न्यायालय के आदेश पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और एसडीएम धनघटा अरुण कुमार वर्मा राजस्व टीम के साथ गांव पहुंचे। मौके का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद संबंधित समस्त पत्रावलियां न्यायालय को प्रेषित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि आवश्यक सभी पत्रावलियां माननीय न्यायालय को प्रेषित कर दी जाएंगी।
इस दौरान तहसीलदार योगेंद्र पांडेय, नायब तहसीलदार हरेराम यादव, राजस्व निरीक्षक अनिल शर्मा, हल्का लेखपाल सुनील कुमार गौड़, जंग बहादुर सिंह, फिरोज अहमद, मो अकरम सहित तमाम अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।