सेमरियावां। क्षय रोग मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से पोर्टेबल मशीनें लेकर गांव-गांव पहुंचेगी। ब्लॉक के उच्च जोखिम वाले समूहों में आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाकर संभावित टीबी मरीजों की पहचान और निशुल्क इलाज सुनिश्चित कराया जाएगा।
सेमरियावां ब्लाॅक में 113 ग्राम पंचायत में 183 राजस्व गांव में शामिल है। इस महाभियान का मुख्य फोकस 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, तंबाकू व शराब का सेवन करने वालों, मधुमेह के मरीजों तथा पूर्व में टीबी से ग्रसित रह चुके लोगों पर है। शिविरों में एक्स-रे, बलगम जांच, हीमोग्लोबिन और बीएमआई मापन जैसी सेवाएं पूरी तरह निशुल्क दी जाएगी। विशेष शिविरों में पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों से एक्स-रे किए जाएंगे। संभावित मरीजों की शीघ्र पहचान के लिए बलगम के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। टीबी के प्रमुख लक्षणों दो सप्ताह से अधिक खांसी, बलगम में खून आना, लगातार बुखार, रात में पसीना आना, सीने में दर्द और वजन कम होने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
हेल्पलाइन और डिजिटल जागरूकता टीबी स्वास्थ्य परिदर्शक टीबी से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए स्वास्थ्य विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800116666 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तत्काल अभियान के जरिए भी इस पहल का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
अगले महीने मई में गांव-गांव में टीम वाहन के साथ पोर्टेबल मशीन से एक्स-रे, बलगम जांच, हीमोग्लोबिन और बीएमआई मापन जैसी सेवाएं पूरी तरह निशुल्क दी जाएंगी। इसके लिए शिविर शुरू हो गए हैं।
देवव्रत लाल श्रीवास्तव, एसटीएस
सीएचसी सेमरियावां