संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर के मोतीनगर मोहल्ला निवासी शमशुद्दीन की मौत के बाद उसके पिता इकबाल अहमद का अपने बेटे को बाहर भेजने का अरमान अधूरा रह गया। रात में वह पिता को देर से आने की बात कहकर घर से निकला था। पिता ने उसे टोका भी था। इसके बाद भी वह जल्दी घर आने की बात कहकर दोस्तों के साथ चला गया।
हादसे की जानकारी के बाद उसके घर पर आसपास के लोग व रिश्तेदार पहुंचकर परिजनों को दिलासा देने में जुट गए। मोतीनगर मोहल्ला निवासी इकबाल अहमद के पांच बच्चे हैं। दो बेटे और तीन बेटियों में शमशुद्दीन परिवार का सबसे बड़ा बेटा था। वह काफी मिलनसार था। पिता इकबाल के अनुसार बेटा ड्राइवरी करके परिवार के भरण-पोषण में सहायक था। पहले भी वह बेटे को देर रात कहीं जाने के लिए रोकते रहे।
शनिवार की रात जब बेटे ने देर से घर आने की बात बताई तो उन्होंने उसे टोका। इस पर शमशुद्दीन ने दोस्तों के साथ बाहर जाने और जल्दी घर आने की बात बताई थी। पिता को यह नही पता था कि यह उनके बेटे से अंतिम बार बात हो रही है। वह बेटे को बाहर भेजने की तैयारी में थे। देर रात को जब दुर्घटना की खबर घर पर पहुंची तो वह लोगों के साथ जिला अस्पताल पर पहुंचे। जहां जवान बेटे की मौत की खबर उन्हें मिली।
उनका बेटे को बाहर भेजने का अरमान अधूरा रह गया। घटना की सूचना के बाद इकबाल के रिश्तेदार व अन्य लोग घर पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे थे।
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दूसरे की गाड़ी लेकर गए थे सभी साथी
आसपास के लोगों के अनुसार ड्राइवर होने की वजह से शमशुद्दीन का कई चार पहिया वाहन मालिक जो किराए पर गाड़ी चलवाते थे उनसे जान पहचान थी। इससे उसको गाड़ी आसानी से मिल जाती थी। शनिवार की रात शहर के ही एक व्यक्ति की गाड़ी मांग कर पांचों एक साथ निकले थे। कार बुधा नहर के पास अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि शमशुद्दीन को जिला अस्पताल आने के बाद चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। बाकी के चारों घायल अस्पताल में उपचार करवा रहे हैं।