फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sant Kabir Nagar News: सुदामा प्रसंग को सुनकर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु

Sat, 10 Jan 2026 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
हरिहरपुर। नगर पंचायत हरिहरपुर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा का शुक्रवार को समापन हुआ। इससे पूर्व सातवें दिन आचार्य देवव्रत जी ने सुदामा जी का प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि सुदामा जी श्रीकृष्ण के बचपन के मित्र थे। गरीबी से लाचार सुदामा जी की पत्नी सुशीला ने सुदामा को द्वारिकाधीश के पास जाने की बात कहती हैं। सुदामा जी ने कहा कि कैसे जाएं द्वारिकाधीश के पास जाने के लिए मेरे तन पर न कपड़े हैं न ही कुछ लेकर जाने के लिए है। सुशीला ने चार घरों से चार मुट्ठी चावल लेकर एक पोटली में बांधकर देती हैं।
विज्ञापन

आचार्य कथा व्यास ने आगे कहा कि सुदामा जी को द्वारिका पहुंचने में तीन महीने का समय लगा था। जब सुदामा जी द्वारिका पहुंचकर द्वारिका धाम के मुख्य द्वार पर तैनात पहरेदार को बताते हैं और पहरेदार भगवान से सुदामा की बात बताता है। सुदामा नाम सुनकर भगवान दौड़ते हुए द्वार पर पहुंचे और सुदामा को आसान पर बिठाकर अपने आंसुओं से उनके पैर धोते हैं। सुदामा से पूछते हैं कि हमारे लिए भाभी सुशीला ने क्या भेजा है। सुदामा पोटली छिपाने लगे, लेकिन भगवान ने उनके चावल की पोटली ले ली। जैसे ही भगवान एक मुट्ठी चावल खाया और तीनों लोकों को सुदामा जी को दे दिया। घर पहुंचने पर पत्नी सुशीला जब सारी बातें बताती है। सभी वृत्तांत सुनने के बाद सुदामा जी भगवत भक्ति के लिए गृह का परित्याग करते हैं। कथा में समापन पर सुकदेव जी ने अंत में परीक्षित से पूछा कि क्या अब भी कोई भय है। परीक्षित ने कहा कि अब कोई भय नहीं है। कथा संपन्न होने के बाद तक्षक फूल में छिपकर परीक्षित के पास पहुंचता है और परीक्षित को डंस लेता है। राजा परीक्षित परमधाम को गमन करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें