संतकबीरनगर। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बैजूनाथ धाम शिवमंदिर से जिले के धार्मिक स्थलों के विकास की अलख जगा गए। बृहस्पतिवार को बैजूनाथ धाम आए सीएम ने कहा कि तामेश्वरनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण का होगा। लोग इसमें सहयोग करें। इसी तरह अन्य धार्मिक स्थलों का भी विकास होगा। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण हुआ, अयोध्या और मां विंध्यवासिनी धाम का भी विकास हुआ।
बता दें कि पिछले साल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तामेश्वरनाथ धाम आए थे, तब उन्होंने तामेश्वरनाथ धाम कारिडोर की घोषणा की थी। इस दिशा में सर्वे आदि का कार्य कराया जा चुका है और भूमि अधिग्रहण के लिए कास्तकारों व अन्य लोगों से सहमति ली जा रही है। मुख्यमंत्री के एक बार फिर तामेश्वरनाथ धाम के विकास की बात कहने से उम्मीद जगी है कि जल्द ही तामेश्वरनाथ धाम कारिडोर को धरातल पर उतारने में तेजी आ सकती है। इसके साथ ही जिले के धार्मिक स्थलों के विकास की आस भी जग गई है। तामेश्वरनाथ काॅरिडोर बनने से जहां जिले के विकास को गति मिलेगी वहीं पर्यटन की दृष्टि से भी जिले का विकास होगा।
दूसरी तरफ बैजूनाथ धाम शिव मंदिर का भी इतिहास करीब 800 साल पुराना है। मुगलों के शासनकाल के पहले मंदिर का उत्थान हुआ था। पूर्व में मुख्य संरक्षक रहे अनिल राय के पूर्वज ने मंदिर के लिए 25 बीघा जमीन दान दी थी। इसके साथ ही मंदिर के पुजारी को जीने- खाने के लिए तीन बाघा जमीन अलग से दान दी थी। महाशिवरात्रि, सावन और प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालु यहां जलाभिषेक करने के लिए आते हैं। इसमें गोरखपुर, आजमगढ़, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती आदि जिलों के श्रद्धालु पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री के यहां आने से इस मंदिर के विकास और सुंदरीकरण कार्य में तेजी आ सकती है। यहां पर्यटन विभाग पहले से ही करीब 92 लाख से विकास का कार्य करा रहा है।