कलक्ट्रेट पर तामेश्वरनाथ कॉरिडोर को लेकर बैठक करते डीएम-स्रोत सूचना
संतकबीरनगर। तामेश्वरनाथ धाम काॅरिडोर को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। शुक्रवार को डीएम आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों, राजस्व कर्मियों व स्थानीय काश्तकारों की बैठक हुई। काश्तकारों व भवन स्वामियों से सहमति बनाने का प्रयास किया गया। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 मई को जिले के भ्रमण के दौरान तामेश्वरनाथ धाम काॅरिडोर बनाए जाने की घोषणा की थी। तभी से प्रशासन इस दिशा में सक्रिय है। शुक्रवार को हुई बैठक में डीएम ने कहा कि तामेश्वरनाथ धाम के स्थानीय काश्तकारों, भवन स्वामियों से सहमति लेने का प्रयास किया जा रहा है। पर्यटन विभाग ने वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना में तामेश्वरनाथ धाम काॅरिडोर को अनुमोदित किया है। कार्यदायी संस्था सीएनडीएस जल निगम इकाई ने काॅरिडोर का प्रस्ताव वास्तुविद छत्रछाया आर्किटेक्चरल स्टूडियो लखनऊ के माध्यम से तैयार कराया है। काॅरिडोर निर्माण के लिए राजस्व विभाग एवं वास्तुविद की ओर से आवश्यक भूमि का सर्वे कार्य पूर्ण किया जा चुका है। राजस्व विभाग व वास्तुविद के प्रारंभिक डिजाइन के अनुसार कुल 21500 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता बताई गई है। उसके क्रम में लेखपाल द्वारा कुल भूमि 2.346 हेक्टेयर चिन्हित कर ली गई है। बैठक में डीएम ने स्थानीय ग्राम प्रधान सहित काश्तकारों एवं प्रभावितों के साथ तामेश्वरनाथ धाम कॉरिडोर बनाए जाने के संबंध में भूमि अधिग्रहण आदि विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। कहा कि क्षेत्र में पर्यटन विकास प्रत्येक दृष्टि से स्थानीय निवासियों के हित में है और प्रत्येक स्तर पर स्थानीय काश्तकारों एवं प्रभावितों के हित को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस अवसर एडीएम वित्त व राजस्व जय प्रकाश, एसडीएम खलीलाबाद अरुण कुमार, तहसीलदार खलीलाबाद आनंद ओझा, पर्यटन अधिकारी विकास नारायण, बैजनाथ वर्मा, राजस्व निरीक्षक रामचरन, लेखपाल राजेश कुमार, सौरभ मिश्रा, ग्राम प्रधान राम सुरेश पासवान, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज आदि मौजूद रहे।