संतकबीरनगर। जनपद के कई स्थानों पर लंगूर और कुत्तों का आतंक हैं। धनघटा क्षेत्र में बारीडीहा गांव में लंगूर के हमले से बुजुर्ग की मौत हो गई थी। वहीं बखिरा व दुधारा थाना क्षेत्र में 15 दिन तक लंगूर के आतंक से ग्रामीण दहशत में रहे। जबकि धनघटा क्षेत्र में कुत्तों के हमले से 300 लोग घायल हो चुके हैं। सूचना के बाद अधिकारी ग्रामीणों को जानवरों के आतंक से मुक्ति दिलाने में नाकाम हैं।
धनघटा थाना क्षेत्र के कई गांवों में कुत्तों का दहशत अभी भी बरकरार है। कुत्ते के हमले में अब तक लगभग 300 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। क्षेत्र के बभनौली, गगरवार, रूस्तमपुर, कड़जी, बरगदवा, शनिचरा बाजार, सेमरौना आदि गांव में कुत्तों के काटने से लोग परेशान हैं। वही बारीड़ीहा गांव निवासी बुजुर्ग पल्टन के ऊपर 10 दिसंबर को लंगूर ने हमला कर दिया था। जिससे उनकी 11 दिसंबर को मौत हो गई। वहीं बखिरा व दुधारा थाना क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन से अधिक गांव में लंगूर का दहशत बना रहा। दुधारा क्षेत्र के पचपेड़वा गांव में लंगूर के हमले के बाद गांव के कुछ संभ्रांत लोग सामने आए और आपस में मिलकर रुपये की व्यवस्था किए।
जिसके बाद महराजगंज जनपद से लंगूर पकड़ने वाले को बुलाया। कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार को बिगड़ैल लंगूर को पकड़ा गया। हालांकि एक ही लंगूर पकड़ा गया। पकड़ने के दौरान लंगूर ने लगभग पांच लोगों को काटकर जख्मी कर दिया। लंगूर के पकड़े जाने के बाद पचपेड़वा के ग्रामीणों ने कुछ हद तक राहत की सांस ली। जबकि अन्य गांव में लंगूर के आतंक से लोग परेशान हैं। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि मामले में संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। जिससे की लोगों को समस्या से निजात मिल सके।