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टेलीमेडिसिन सेंटर में लगा ताला

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खलीलाबाद सीएचसी में टेलीमेडिसिन सेंटर में लटक रहा ताला।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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टेलीमेडिसिन सेंटर में लगा ताला
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जिले के छह सीएचसी पर चल रहा टेलीमेडिसिन सेंटर
छह माह से मानदेय न मिलने से नाराज हैं कर्मी
संतकबीरनगर। जिले के छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टेलीमेडिसिन सेंटर संचालित किया जा रहा है। लखनऊ में बैठे विशेषज्ञ चिकित्सक ऑनलाइन मरीजों को परामर्श देते हैं। टेलीमेडिसिन सेंटर पर तैनात कर्मियों को पिछले छह माह से मानदेय नहीं मिला है। वह भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। टेलीमेडिसिन कर्मियों ने सेंटर पर ताला बंद कर काम ठप कर दिया है।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए जिले के छह सीएचसी पर टेलीमेडिसिन सेंटर की स्थापना हुई। सीएचसी सेमरियावां, सांथा, मेंहदावल, हैंसर, नाथनगर और खलीलाबाद में सेंटर संचालित हो रहा है। यहां पर एक एएनएम और एक टेक्नीशीयन की तैनाती है, जो वीडियो कॉलिंग के जरिए लखनऊ में बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकों से मरीजों की बातचीत कराते हैं।
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चिकित्सक के निर्देशानुसार मरीज की वीपी और अन्य जांच कराते हैं। जांच रिपोर्ट को चिकित्सक तक ऑनलाइन भेजते हैं। उसी के अनुसार चिकित्सक दवा लिखते हैं। प्रत्येक सीएचसी पर बने टेलीमेडिसिन सेंटर पर प्रतिदिन 20 से 25 मरीज आते हैं। इधर छह माह से टेलीमेडिसिन सेंटर पर तैनात कर्मियों को मानदेय नहीं दिया जा रहा है। इससे कर्मियों ने काम बंद कर दिया है।
सेंटर पर ताला लटक रहा है। सेंटर पर तैनात कर्मियों का कहना है कि प्रतिदिन सेंटर पर आने के लिए बाइक में तेल आदि रकम खर्च होते हैं। टैक्सी से आने पर किराया लगता है। छह माह से मानदेय नहीं मिला है। ऐसे में कैसे कार्य करेंगे। इस वजह से सेंटर को बंद कर दिया गया।
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कोट
टेलीमेडिसिन सेंटर का संचालन लखनऊ की एक प्राइवेट संस्था के जरिए होता है। संस्था ही कर्मियों को मानदेय देता है। यदि मानदेय नहीं मिला है तो संस्था को पत्र लिखा जाएगा।
-डॉ. मोहन झा, अपर सीएमओ
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