सिद्धार्थनगर। नौगढ़ तहसील कार्यालय और फिर तहसीलदार आवास पर मारपीट और थाने में घंटों हुए हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद गांव में चर्चा का बाजार गर्म हो गया है। तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी बबिता के बीच रिश्तों में खींच-तान नई नहीं है बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। मंगलवार को हुए विवाद से दो दिन पहले ही तहसीलदार ने बेटों और पत्नी पर धमकी देने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज करवाया था। आरोप है कि इसी के बाद पत्नी, एक लड़के और एक महिला ने दोपहर में तहसील कार्यालय, रात में आवास और फिर थाने पर हंगामा हुआ।
संतकबीरनगर जनपद के बखिरा थाना क्षेत्र के हरदी गांव निवासी देवेंद्र मणि त्रिपाठी मौजूदा समय में सिद्धार्थनगर जनपद के नौगढ़ तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं। महिला का आरोप है कि जबसे वह तहसीलदार बने हैं तबसे उनका उत्पीड़न किया जा रहा है जबकि तहसीलदार का आरोप है कि पत्नी ने कई बार मां पर हमला किया है। दो साल पहले तलाक की अर्जी डालने के बाद भी वह न्यायालय में हाजिर नहीं हो रही है। दोनों लोगों के आरोपों में कितनी सच्चाई है यह जांच का विषय है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर में उनकी पत्नी बबिता त्रिपाठी, पुत्र हर्षित और एक अन्य महिला तहसील कार्यालय में पहुंची। बात-बात में विवाद और फिर हंगामा शुरु हो गया। तहसीलदार की सूचना पर पहुंची पुलिस समझा-बुझाकर उन्हें थाने ले आई। इसके बाद रात में एकाएक तहसीलदार के आवास पर बवाल शुरू हो गया। तहसीलदार के मुताबिक उस वक्त वे मौजूद नहीं थे। पत्नी और साथ में आई महिला ने तहसीलदार पर ही कुछ लोगों को बुलाकर पिटवाने और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया और थाने पहुंच गईं। थाने में कुछ समय तक हंगामा चला और कार्रवाई की मांग करने लगे। तहसीलदार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने समझाया और शिकायती पत्र देकर कार्रवाई करने की बात कही। जानकारी ली गई तो पता चला कि पांच अक्तूबर को ही तहसीलदार ने दो बेटों और पत्नी पर धमकी देने के मामले में केस दर्ज करवाया था।
-
पूर्व में भी थाने तक पहुंच चुका है मामला
विभाग से जुड़े लोगों की मानें तो सास से विवाद और मारने-पीटने के मामले में संतकबीरनगर के धर्मसिंहवा थाने तक मामला पहुंचा था। यहां पर पंचायत हो चुकी है। वर्ष 2023 में जनपद में आने के बाद आवास पर विवाद हुआ था। इसके अलावा इटवा में तैनाती के दौरान वहां भी विवाद हो चुका था, लेकिन घर के अंदर तक मामला दबा रहा। यहां कार्यालय में हंगामा और आवास पर तहसीलदार की मां से मारपीट के बाद चर्चा में आ गया जो तहसील से लेकर पूरे जनपद में चर्चा का विषय है।
-
2023 में ही तलाक की अर्जी
तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी के बीच खींचतान काफी बढ़ चुकी है। इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि मामला तलाक तक पहुंच गया है। वर्ष 2023 में तलाक की अर्जी भी तहसीलदार डाल चुके हैं, जिसमें दूसरा पक्ष हाजिर नहीं हो रहा है। यानी दोनों के बीच मामला काफी आगे तक पहुंच गया है और रिश्ते में बड़ी तल्खी के कारण बात यहां तक पहुंच चुकी है। वहीं, पत्नी बबिता के आरोप भी गंभीर हैं। बबिता त्रिपाठी ने बताया कि 2016 में नौकरी लगने के बाद से ही तहसीलदार ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू किया। कई बार घर में झगड़े और मारपीट हाेने लगीं। उनका कहना है कि 2024 के बाद उन्हें बच्चों समेत घर से निकाल दिया गया। पहले कुछ समय तक भरण-पोषण के लिए पैसे भेजे जाते थे, लेकिन पिछले दो वर्षों से आर्थिक मदद पूरी तरह बंद कर दी गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तहसीलदार ने दूसरी शादी कर ली है, जिसके चलते अब वह न तो बच्चों का खर्च दे रहे हैं और न ही किसी प्रकार का संपर्क रख रहे हैं। फिलहाल इस बात में कितनी सच्चाई है, यह जांच का विषय है।
2016 में थे जनपद में लेखपाल
वर्तमान समय में तहसीलदार पद पर तैनात देवेंद्र मणि त्रिपाठी 2016 के आसपास लेखपाल पद पर इसी जनपद में तैनात थे। इसके बाद तहसीलदार पद पर उनका चयन हो गया। वर्ष 2023 में संभल जिले से स्थानांतरण होकर वह सिद्धार्थनगर आए और नौगढ़ तहसीलदार पद पर तैनात हुए। जनपद में इटवा और अन्य पर इनकी तैनाती रही। इसी बीच कुछ माह पहले उन्हें फिर तहसीलदार नौगढ़ की जिम्मेदारी मिल गई।
-
बोले जिम्मेदार
मामले की जानकारी है। पुलिस भी मौके पर गई थी। हर पहलुओं की जांच की जाएगी। उच्चाधिकारियों से मिले दिशा-निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। इससे पहले धमकी देने के मामले में तहसीलदार की ओर से बेटाें और पत्नी पर धमकी सहित अन्य धारा में केस दर्ज हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है।
- दुर्गा प्रसाद, शहर कोतवाल
-
जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद है। मेरी मां और मुझसे कई बार विवाद कर चुकी है। अभी धमकी मिली थी, जान को खतरा है। इस मामले में केस दर्ज करवाया गया है।
देवेंद्र मणि त्रिपाठी, तहसीलदार