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Sant Kabir Nagar News: हाईटेक बनेंगे शिक्षक, ऑनलाइन होगा प्रशिक्षण

Sat, 30 May 2026 02:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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प्री-प्राइमरी से लेकर 8वीं कक्षा तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
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मेंहदावल। परिषदीय विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से 8वीं कक्षा तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को ऑनलाइन हाईटेक प्रशिक्षण दिया जाएगा। 21 मई से ही इस प्रशिक्षण में शिक्षकों के ऑनलाइन नामांकन कराए जा रहे हैं। शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला चरण दीक्षा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शुरू कर किया गया है।
बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म निष्ठा के जरिये ही शिक्षकों को नई शिक्षा नीति, गतिविधि आधारित शिक्षण और डिजिटल सुरक्षा के तौर-तरीके सिखाए जाएंगे। शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम का पहला चरण दीक्षा पोर्टल माध्यम से लाइव है। प्रशिक्षण में शिक्षकों को तकनीक, आधुनिक शिक्षण पद्धति और डिजिटल दक्षता से लैस किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि पहले आधुनिक शिक्षा से जुड़े ऑफलाइन प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया गया था। शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में चल रहीं नई तकनीक व आधुनिक शिक्षण के जानकारी देने में बहुत मदद करता है। इससे बच्चों को पढ़ाने में भी मदद मिलेगी। डायट प्रवक्ता अभिष्ट देव पांडेय ने बताया कि अब शासन का ध्यान शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उनके डिजिटल कौशल को निखारने पर केंद्रित है। सरकार का उद्देश्य तकनीक आधारित शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल तैयार करना है, जो जमीन स्तर पर मजबूत हो और जिसका सीधा लाभ छात्रों को मिल सके। इसी उद्देश्य से यह निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।
शिक्षकों का ऑनलाइन नामांकन 21 मई से शुरू हो चुका है। नामांकन करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त है। इसके बाद स्वीकृत पाठ्यक्रम 15 सितंबर 2026 तक संचालित किए जाएंगे। शासन ने बीएसए, डायट प्राचार्य, सीईओ के साथ एसआरजी, एआरपी व डायट मेंटर्स को अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षकों का शत-प्रतिशत नामांकन और समयबद्ध प्रशिक्षण पूरा कराए जाने का निर्देश दिया है।


एडवांस लर्निंग मॉडल की श्रेणियां
मेंहदावल। एआरपी अनूप कुमार सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में तीन श्रेणियों में एडवांस लर्निंग मॉडल बांटा गया है। पहली श्रेणी में प्री-प्राइमरी से कक्षा दो तक के शिक्षकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और बुनियादी सीखने की कड़ी से जोड़ा जाएगा। दूसरी श्रेणी में कक्षा 3 से 5 तक के शिक्षकों को भाषा व गणितीय दक्षता आधारित आधुनिक शिक्षण पद्धतियां सिखाई जाएंगी। तीसरी श्रेणी में उच्च स्तर के शिक्षकों के लिए साइबर हाइजीन, ई-वेस्ट के खतरे, एक्शन रिसर्च और जल संरक्षण से जुड़े कैच द रेन जैसे बेहद प्रासंगिक व व्यावहारिक विषयों के एडवांस कोर्स शामिल किए गए हैं।
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उन्होंने बताया इससे शिक्षक आधुनिक शिक्षण पद्धतियों में दक्ष होंगे। सरकारी स्कूलों के बच्चों की सीखने की क्षमता और परीक्षा परिणामों में सुधार आने की उम्मीद है। विभाग की ओर से शिक्षकों का शत-प्रतिशत नामांकन, समयबद्ध प्रशिक्षण पूरा कराने के लिए सभी शिक्षकों का नामांकन कराए जाने की प्रक्रिया जारी है। संवाद
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