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टेल तक पानी पहुंचाने में छूट रहे पसीने

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टेल तक पानी पहुंचाने में छूट रहे पसीने
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कहीं नलकूप खराब तो कहीं नालियां हो गई हैं ध्वस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जनपद के सरकारी नलकूपों की दशा दयनीय है। कहीं नलकूप खराब है तो कहीं नालियां ध्वस्त हो गई हैं। ऐसे में टेल तक पानी पहुंचाने में किसानों के पसीने छूट रहे हैं। रबी की फसल को बचाने के लिए किसानों को जूझना पड़ रहा है। बदहाल नलकूपों एवं टूटे कुलावों की वजह से फसल की सिंचाई टेढ़ी खीर साबित हो रही है।
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सिंचाई के लिए जिले में 408 नलकूप स्थापित हैं। इनमें से कई नलकूप खराब पड़े हुए है। स्थिति यह है कि शहर से सटे नेदुला के पास स्थापित नलकूप खराब पड़ा है। यहां के लोग निजी संसाधनों से सिंचाई करने को मजबूर हैं। इससे किसानों को महंगे डीजल खरीदने की मजबूरी बनी हुई है। ऐसी ही स्थिति धनघटा व मेंहदावल के कई स्थानों की भी है। सिंचाई के लिए बनी नालियां अधिकतर स्थानों पर ध्वस्त हो चुकी है। खलीलाबाद विकास खंड के चकदही, नेदुला, बनियाबारी, सरौली आदि क्षेत्रों में नालियां इस कदर बेकार हो गई है कि किसानों को खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए जूझना पड़ रहा है। कई स्थानों पर झांड़-झंखाड़ होने से रात के समय सिंचाई संभव नहीं हो पा रही है। इससे किसान परेशान हैं। क्षेत्र के किसान हरिश्चंद्र, चंद्रिका, पप्पू, राजेंद्र, हसन, रामजीत आदि ने कहा कि नाली की मरम्मत न होने से पानी खेतों तक पहुंचता ही नहीं है। किसानों ने कहा कि यदि नालियों की मरम्मत नहीं कराई गई तो सिंचाई के अभाव में गेहूं की फसल बर्बाद हो जाएगी। धनघटा क्षेत्र के किसान राजाराम, दिनेश कुमार आदि ने कहा कि धान की फसल बाढ़ की भेंट चढ़ गई, अब रबी की फसल पर सिंचाई का संकट बना हुआ है। ऐसे में चिंता बढ़ गई है। इस संबंध में नलकूप खंड के अधिशासी अभियंता लालचंद्र ने कहा कि जहां पर नलकूपों की नालियां बेेकार हो गई है, उन्हें ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही सिंचाई व्यवस्था बेहतर हो जाएगी।
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