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Sant Kabir Nagar News: सूर्य वंशियों का पूरा हुआ प्रण, अब लगाएंगे छत्र

Mon, 22 Jan 2024 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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किसी की पूरी हुई प्रतिज्ञा, किसी के सच हुए सपने
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फोटो है
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिहरपुर। आज रामलला की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा होनी है। आज का दिन उन लोगों के लिए बेहद खास है। जिनके पूर्वजों ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के मंदिर निर्माण होने तक छत्र न लगाने की प्रतिज्ञा ली थी। श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा से उनके सपने भी सच हो गए, जिनके परिजनों ने जन्मभूमि आंदोलन को धार दी थी और जिन्होंने खुद मंदिर निर्माण के लिए जेल काटे थे।


सूर्यवंशी क्षत्रिय मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के ही वंशज हैं। सूर्यवंशी क्षत्रियों ने यह प्रतिज्ञा की थी कि जबतक भगवान राम के सिर पर छत्र नहीं होगा, तब तक हम लोग भी छाता नहीं लगाएंगे। वह प्रण आज पूर्ण हो रहा है। 22 जनवरी के बाद अब हमारे वंश के लोग पुन: छत्र धारण कर सकेंगे। सैकड़ों वर्षों के त्याग और रामभक्तों के बलिदान ने यह अवसर दिया है। रामलला अपनी जन्मभूमि पर बने मंदिर में विराजेंगे। यह सूर्यवंश के लिए गौरव का दिन होगा। पूर्वजों की प्रतिज्ञा आज पूरी हुई। अब अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर अपना प्रण तोड़ेंगे।
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- बृजेश पाल, पूर्व चेयरमैन हरिहरपुर

पूरा हुआ मंदिर निर्माण का सपना

राम जन्मभूमि आंदोलन में कार सेवकों ने जी जान लगा दिया था। उस दौरान ऐसा लग रहा था कि मंदिर का निर्माण होना बहुत मुश्किल है। लेकिन 1992 में कारसेवकों ने विवादित ढांचा ढहाकर मंदिर निर्माण की राह आसान कर दी थी। तब हम लोग अयोध्या कारसेवा में पहुंचे थे। ढांचा गिर जाने के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया था। मौजूद हजारों कार सेवकों ने एक-एक ईंट उठा लिया था। ढांचा गिरने के बाद तत्कालीन भाजपा की कल्याण सिंह सरकार भी बर्खास्त कर दी गई थी। आज मंदिर में श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा से सपना पूरा हुआ।
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- चंद्रदेव शुक्ल, मुकुंदपुर

जन्मभूमि आंदोलन में जेल गए थे परिवार के बुजुर्ग

राम जन्मभूमि आंदोलन में चाचा छोटेलाल गुप्ता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। मुलायम सिंह यादव की सरकार में कारसेवा के लिए जाते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। छह दिसंबर 1992 को जब ढांचा गिरा तब वह कारसेवा में शामिल रहे। आज भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा से वह बेहद उत्साहित हैं। वह अक्सर चर्चा करते रहते थे कि पता नहीं कब रामलला अपने मंदिर में विराजेंगे। लेकिन आज श्रीराम की प्रतिमा उनके नए मंदिर में स्थापित होने से वह काफी उत्साहित हैं। प्रभु श्रीराम के दर्शन की तैयारी में लगे हुए हैं।
- नरसिंह गुप्ता, महुली।
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