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Sant Kabir Nagar News: विध्वंस के बाद प्रसाद के रूप में ढांचे की ईंट उठा लाए थे कारसेवक

Mon, 22 Jan 2024 02:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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वर्ष 1989 में मंदिर का ताला खुलवाने के लिए निकाली गई थी ज्योति यात्रा
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फोटो है

हरिहरपुर/संतकबीरनगर। छह दिसंबर 1992 को ढांचा गिरने के बाद कारसेवक अपने-अपने साथ प्रसाद के रूप में ढांचे की ईंट लेकर आए। सालों के आंदोलन के बाद आज जब राम मंदिर बन रहा है तो ढांचा विध्वंस के दौरान अयोध्या में मौजूद रहे कारसेवकों के लिए यह बेहद खुशी का पल है। उन कारसेवकों में तामेश्वरनाथ निवासी नागेंद्र नाथ भारती भी हैं।
नागेंद्र कहते हैं कि 22 जनवरी का यह दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा। इस दिन के लिए देशभर से लोगों ने अपना योगदान और बलिदान दिया था। नागेंद्र नाथ भारती ने बताया कि 1989 में मंदिर का ताला खुलवाने के लिए भी यहां से सत्याग्रह हुआ था। श्री राम मंदिर का ताला खुलवाने को लेकर श्रीराम ज्योति तामेश्वरनाथ धाम से 1989 में निकली थी। उसे लोग पैदल लेकर अयोध्या गए थे। उन्होंने बताया कि उस दौरान वह खलीलाबाद तहसील के संयोजक बनाए गए थे। 1985 में तामेश्वरनाथ धाम में शिला पूजन भी हुआ था।
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नागेंद्र नाथ भारती ने बताया कि मुलायम सिंह यादव की सरकार में कार सेवा के लिए जाते समय उन्हें नौरंगिया में गिरफ्तार कर बस्ती जेल भेज दिया गया था। छह दिसंबर 1992 को जब ढांचा गिरा, तो वह अयोध्या में कार सेवा में शामिल रहे। उन्होंने बताया कि कार सेवकों का हुजूम विवादित ढांचे की ओर बढ़ा तो लोगों ने अपना धैर्य खो दिया। जिसके पास जो था, उसी से विवादित ढांचा ढहाने में जुट गया। थोड़ी देर में ढांचा ध्वस्त हो गया। लोग जय श्रीराम, हो गया काम का नारा लगाते प्रसाद स्वरूप ईंटों को उठा लिए और अपने अपने घर चल दिए। राम मंदिर के लिए लोगों के त्याग और बलिदान का ही नतीजा है कि यह दिन देखने को मिला है। प्रभु श्रीराम अपने मंदिर में विराजमान होंगे, यह दिन गौरव का दिन होगा। संवाद
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