फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भोर में सूर्य को अर्घ्य के साथ किया नमन

विज्ञापन
समय माता मंदिर के पास पोखरे पर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए पानी में खडी महिलाएं। - फोटो : KHALILABAD
विज्ञापन
भोर में सूर्य को अर्घ्य के साथ किया नमन
विज्ञापन

छठ पूजा के तीसरे चरण में अर्घ्य, पूजा-अर्चना के बाद लिया प्रसाद
बेटे के सुख, समृद्धि, पति को दीर्घायु का वरदान दें ..हे छट्ठी मैया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। भगवान भास्कर को उगते समय अर्घ्य देने के लिए सुबह घाट पर पहुंच कर व्रती महिलाओं ने पूजन स्थल पर वेदी सजा दिया, गन्ने के मंडप में गीत गाते हुए छट्ठी मैया की विधिवत पूजा की, उन्हें चावल का पीला अक्षत, चंदन, पुष्प, सिंदूर से पूजकर नारियल, शरीफा, सेब, केला, नीबू, कच्ची, अमरूद, मूंगफली, आंवला, पपीता, मीठा ठेकुआ चढ़ाया, दीप जलाए और मिन्नतें मांगीं। महिलाएं घुटने भर पानी में खड़े होकर सूप में फल आदि लेकर सूर्यदेवता को अर्घ्य देने के लिए प्रस्तुत हुईं तो उनके सहयोगी पति ने दूध और जलधार गिराकर अर्घ्य में सहयोग दिया।..आवहु आवहु हे सुरुज देव ! मानहु विनती हमार! पूरी करहुं मनकामना हे छट्ठी मैया.. आदि छठमाता के गीतों के साथ शनिवार को भोर के वक्त पूजा समारोह स्थल का वातावरण अद्भुत आध्यात्मिक छटा बिखेर रहा था।
विज्ञापन

अरुण आभा वाले भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के बाद महिलाएं पूजा मंडप में पुन: मां के सामने पहुंचीं। देवी की वेदी के सामने वस्तु रखकर आरती उतारीं, प्रणाम कर मनवांछित फल मांगा। फिर पति के हाथों प्रसाद ग्रहण किया। इस बीच घाट पर पहुंचे सभी लोग अपने परिजनों के साथ अलग-अलग इस परंपरा को निभाने में लगे रहे। हर मंडप दिव्य आभा से देवपुरी का सा दृश्य उपस्थित कर रहा था। खलीलाबाद के कोतवाली स्थित पोखरा, शुगर मिल, हनुमान गढ़ी स्थित पोखरे के पास काफी भीड़ रही। नगरपालिका प्रशासन के साथ जिला प्रशासन ने प्रकाश के साथ पेयजल का बंदोबस्त किया था। सुरक्षार्थ पुलिस लगी रही। इसी प्रकार शुगर मिल कॉलोनी के सरोवर और विधियानी मां समय जी के पोखरे पर जुटे श्रद्धालुओं ने भगवान भास्कर को अर्घ्य दिए ओर छठ मैया के गीतों के बीच पूजा-अर्चना की। छत्तीस घंटे का कठोर निर्जल व्रत करते हुए सूर्य देवता को अपनी श्रद्धा अर्पित करने वाले भक्तों ने...कहा हे छठी मैया फिर आना और अगले साल हमारी पूजा स्वीकार करना। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का भी रहा। धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार बिड़हरघाट, हरिहरपुर नगर पंचायत के पोखरे और कुआनो नदी के किनारे राजघाट और मुखलिसपुर मंदिर के पास, बखिरा के भंगेश्वरनाथ, मेंहदावल के कुबेर नाथ पोखरे तथा राप्ती नदी के तट पर श्रद्धालुओं ने प्रात:काल उदय होते सूर्य को अर्घ्य दिए। हर पूजा स्थल पर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें