एसटीएफ करेगी केरोसिन की कालाबाजारी की जांच
- मेंहदावल विधायक ने किया था मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत
- विशेष सचिव ने डीजीपी को पत्र भेजकर जांच की अपेक्षा की है
- बीते वर्ष 13 अक्तूबर को पकड़ा गया था 17 ड्रम केरोसिन
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर के इंडस्ट्रियल एरिया में बीते वर्ष अक्तूबर महीने में पकड़े गए 17 ड्रम (3400 लीटर) केरोसिन की कालाबाजारी की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) करेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इस प्रकरण में रुचि लिए जाने के बाद विशेष सचिव ने डीजीपी को इसके लिए पत्र भेजा है। विशेष सचिव ने एक माह के भीतर जांच आख्या शासन को उपलब्ध कराए जाने की बात कही है। इस प्रकरण की जांच के लिए मेंहदावल के विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।
इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक डिपो के पास से पिछले वर्ष 13 अक्तूबर को 3400 लीटर केरोसिन पकड़ा था। 17 ड्रमों में भरे इस तले का मामला चर्चा में आने के बाद आपूर्ति विभाग ने जांच भी की थी लेकिन न तो दोषियों का पता लगा और न ही कोई कार्रवाई हुई। मेंहदावल के विधायक राकेश सिंह बघेल ने मुख्यमंत्री को प्रकरण की जानकारी देते हुए एक पत्र सौंपा था। 23 अक्तूबर को दिए इस शिकायत पत्र में विधायक ने आरोप लगाया था कि स्थानीय पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन और आपूर्ति कार्यालय ने वास्तविक दोषियों को बचाने के अलावा घटना की सच्चाई को भी छिपाने का प्रयास किया। विधायक ने इस प्रकरण के अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अनाज वितरण और राशन कार्ड बनाने में भी गड़बड़ी की आशंका जताते हुए विस्तृत जांच व कार्रवाई की मांग की थी। विधायक के इस शिकायती पत्र पर मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से प्रमुख सचिव ने खाद्य एवं रसद के प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर एसटीएफ से जांच कराकर आख्या मांगी थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव अटल कुमार राय ने पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर प्रकरण की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से कराने को कहा है। विशेष सचिव ने एक माह के भीतर प्रकरण की जांच प्राथमिकता के आधार पर कराते हुए संस्तुति सहित रिपोर्ट मांगी है।
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डीजल में मिलावट की जताई थी आशंका
पकड़े गए केरोसिन का उपयोग डीजल में मिलावट की आशंका जताई गई थी। इस खेल में मंडल स्तर के कई लोगों की मिलीभगत की आशंका थी। इसीलिए जांच की चर्चा होते ही आपूर्ति विभाग से लेकर केरोसिन भंडारण करने वालों तथा संबंधित कोटेदारों की भी धड़कन बढ़ गई है। माना जा रहा है कि बड़ी एजेंसी की तरफ से होने वाली जांच में कई बड़े अफसर व सफेदपोश भी कार्रवाई की जद में आ जाएंगे। इसलिए जांच शुरू होने से पहले ही प्रकरण खत्म कराने के लिए पैरवी शुरू हो गई है।
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अभी पत्र की जानकारी नहीं : डीएम
डीएम रवीश गुप्त ने बताया कि प्रकरण काफी पुराना है उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। अभी शासन के पत्र की भी जानकारी नहीं है। अगर कोई जांच होती है तो उसमें जिला प्रशासन पूरा सहयोग करेगा।