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एक रुपए के सिक्के बने जी का जंजाल

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अभी भी छोटा सिक्का नहीं ले रहे दुकानदार
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- बंद होने की अफवाह के चलते प्रचलन से बाहर हो रहा सिक्का
- बैंक प्रबंधक ने बोले, प्रतिदिन जमा करते हैं एक रुपये के 10 सिक्के
अमर उजाला ब्यूरो
बखिरा। आरबीआई के निर्देश के बावजूद एक रुपये के छोटे सिक्के को लेकर शिकायतें खत्म नहीं हो रही हैं। व्यापारी बैंक कर्मियों पर मनमानी का आरोप लगा रहे हैं तो बैंक कर्मी व्यापारियों को भ्रम फैलाने का दोषी बता रहे हैं। फिलहाल इस प्रकरण में आम आदमी परेशान हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में एक रुपये के छोटे सिक्के को लेकर अभी भी भ्रम बना हुआ है। आरबीआई की तरफ से स्पष्ट निर्देश केे बावजूद बैंकों में सिक्का जमा नहीं होने और व्यापारियों की तरफ से भी सिक्का लेने में की जा रही टालमटोल ने लोगों को उलझन में डाल दिया है। जिसके पास सिक्का है वह उसके अनुपयोगी होने की आशंका से परेशान हैं।
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बखिरा बाजार की रहने वाली मीनू सिंह ने कहा कि उनके पास एक रुपये के काफी सिक्के हैं किन्तु दुकानदार इसे नहीं ले रहे हैं। बैंक में भी इन सिक्कों के जमा नहीं होने की बात कही जा रही है। इसको लेकर वे परेशान हैं।
वहीं दुकानदार चंद्रेश ने कहा है कि जब बैंक ही इन सिक्कों को नहीं ले रहा है तो वह लोग इनका क्या करें। शुरू में तो इसे लेकर ग्राहकों से रोजाना कहासुनी होती थी। झगड़े तक कि नौबत आती थी किन्तु धीरे-धीरे ग्राहकों ने भी उनकी दिक्कत को समझकर विवाद करना बंद कर दिया। बरकत अली ने कहा कि उसकी फल की दुकान है। उन्हें सिक्के लेने में कोई दिक्कत नहीं है किन्तु इन सिक्कों को जमा करने पर बैंक भी आनाकानी करता है। बैंककर्मी कहते हैं कि उनके पास छोटे सिक्के पहले से काफी मात्रा में जमा हैं। उनके पास सिक्का रखने की जगह नहीं है। गुरूदयाल ने कहा है कि सिक्कों को लेकर फैले भ्रम को दूर करने के लिए सरकार की तरफ से सार्थक कदम उठाया जाना चाहिए। बैंक कैंप लगाकर सिक्का जमा कराए तो संभव है कि लोगों के मन में फैला भ्रम दूर हो जाएगा।
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एक रुपये का 10 सिक्का होगा जमा
एसबीआई की बखिरा शाखा के प्रबंधक रामफेर ने बताया कि एक रुपये का छोटा या बड़ा सिक्का भारत सरकार की वैध मुद्रा है। सिक्कों के बंद होने की अफवाह फैलाकर लेने से इंकार करना देशद्रोह की श्रेणी में आता है। आरबीआई के आदेशानुसार खाताधारक प्रतिदिन एक हजार रुपये तक सिक्का जमा कर सकते हैं।
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