संतकबीरनगर। हर घर स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए नगर क्षेत्र में 100 करोड़ की योजना स्वीकृत है। इसके तहत जर्जर हो चुकी पुरानी पाइप लाइन को बदला जाना है। साथ ही विस्तारित क्षेत्र में नई पाइप लाइन बिछानी है। इस परियोजना पर कार्य शुरू हुए छह माह से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन सिर्फ 30 फीसदी ही कार्य हो पाया है।
परियोजना की गति धीमी होने से शहरवासियों की स्वच्छ पेयजल की आस टूटने लगी है। जानकारों का कहना है कि स्वच्छ पेयजल के लिए अगले साल तक इंतजार करना होगा।
सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका परिषद खलीलाबाद की आबादी करीब एक लाख के ऊपर पहुंच गई है। फिलहाल शहर में मात्र एक ओवरहैंड टैंक और चार नलकूप हैं। एक नलकूप बंद हो चुका है। शहर के 13 वार्डों में जैसे-तैसे जलापूर्ति हो रही है। पुरानी पाइप लाइनें भी क्षतिग्रस्त होने से घरों में अक्सर गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें मिलती रहती हैं। जबकि 12 वार्डों पेयजल की व्यवस्था नगर पालिका नहीं कर सकी है।
इस समस्या को दूर करने के लिए शासन ने 100 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर की है। इसके तहत शहर में एक पानी की टंकी बनाई जानी है। साथ ही करीब 150 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी है। जल निगम शहरी के अवर अभियंता सभाजीत यादव ने बताया कि पेयजल परियोजना पर कार्य कराया जा रहा है। 30 फीसदी कार्य पूरा हो गया है। इस परियोजना को सितंबर 2025 तक पूर्ण कराया जाना है। पानी की टंकी निर्माण हो गया है। कार्य में और तेजी लाई जाएगी, ताकि लोगों को जल्द ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
वार्डों में बिछाई गई आधी-अधूरी पाइप लाइन : पेयजल परियोजना की प्रगति काफी धीमी है। अब तक सिर्फ 30 फीसदी ही कार्य हो सका है। गोरखल में 600 किलोलीटर क्षमता की पानी की टंकी बन चुकी है। साथ ही गोरखल, बगहिया, मटिहना, मडया सहित विभिन्न वार्डाें में आधी-अधूरी पाइप लाइन बिछाई गई है। वर्तमान में औद्योगिक नगर, उस्का कला, बंजरिया पूर्वी में पाइप लाइन बिछाई जा रही है।