संतकबीरनगर। वर्ष 2012-13 में आरएपीडीआरपी पार्ट बी योजना के अंतर्गत खलीलाबाद नगर में विद्युतीकरण कार्य कराए जाने के मामले में हुए 1.62 करोड़ के घोटाले में निगरानी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अवधेश श्रीवास्तव की गिरफ्तारी के बाद मुकामी पुलिस की नजरें इस मामले में प्रकाश में आए पांच अन्य आरोपी अब पुलिस के रडार पर हैं। शीघ्र ही इस मामले में इनकी गिरफ्तारी की जा सकती है। इसमें बिजली विभाग के तत्कालीन एसडीओ और एक्सईएन भी शामिल हैं।
इस मामले में जनपद में तैनात बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके आर्या ने 8 मई 2023 को तत्कालीन अवर अभियंता विपिन सिंह के खिलाफ 1.62 करोड़ की सामग्री के दुरुपयोग का केस दर्ज कराया था। मामले में केस दर्ज होने के बाद पुलिस विभाग के द्वारा तकरीबन 6 जांच अधिकारियों को बदला गया। मामले की जांच जब कोतवाली खलीलाबाद के निरीक्षक अपराध रामेश्वर प्रसाद यादव को मिली तो उन्होंने इस पूरी फाइल का गहनता से अध्ययन किया और अपनी चार्जशीट बनानी शुरू की।
सूत्रों की माने तो इसके बाद मामले में तत्कालीन जेई विपिन सिंह के साथ ही छह और नाम प्रकाश में आए। इसमें कार्य कराने के लिए जिम्मेदार संस्था बीकोलॉरी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अतुल पचौरी और प्रोजेक्ट इंजीनियर सचिन कुमार सिंह का नाम सामने आया। बीकोलॉरी लिमिटेड को 3,11,11,283 रुपये का भुगतान किया गया था। बीकोलॉरी कम्पनी ने कार्य पूरा नहीं कराया और बीच में ही भाग गई। इसके लिए इनकों दोषी पाया गया।
जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि बीकोलॉरी कम्पनी ने इस काम को कराने का ठेका अपनी तरफ से शिवधाम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ को दिया था। इसके बाद इस कंपनी के निदेशक देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव का भी नाम प्रकाश में आया। वहीं निगरानी संस्था वैपकास का भी नाम प्रकाश में आया। वैपकास के