संतकबीरनगर। ऑपरेशन कनविक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के बाद गोवध निवारण अधिनियम के एक मामले में न्यायालय ने अभियुक्त मुनीर अहमद को जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा न करने पर उसे 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, मामला कोतवाली खलीलाबाद से संबंधित है। मुकदमे के वादी उपनिरीक्षक आरएन सिंह ने अभियुक्त मुनीर अहमद निवासी हड़हा, थाना दुधारा के कब्जे से एक पिकअप पर लदे पशुओं के चमड़े बरामद किए जाने के बाद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सुरेश राय ने की। साक्ष्य संकलन के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। इसी क्रम में 21 सितंबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएम) की अदालत ने अभियुक्त की जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर उसे जेल में बिताई अवधि की सजा और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अर्थदंड अदा न करने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।