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Sant Kabir Nagar News: रमजान में महंगी है सहरी और इफ्तारी

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- रमजान शुरू होते ही फलों व ड्राई फ्रूट की मांग बढ़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। रमजान शुरू होते ही फलों पर महंगाई छा गई है। बाजार में फलों के दाम डेढ़ गुना तक बढ़ गए हैं। वहीं ड्राई फ्रूट्स के दाम भी बढ़ गए हैं।

माह-ए-रमजान 18 फरवरी से शुरू हो गया है। रमजान का पहला अशरा रहमत का जारी है। जो दस दिनों तक चलेगा। रमजान में फलों पर महंगाई छा गई है। सूखे मेवे की बात करें तो 200 रुपये किलो तक की तेजी आई है। वहीं फल भी इस महंगाई से पीछे नहीं हैं। फलों पर भी 50 रुपये किलो तक की तेजी दर्ज की गई है। कारोबारियों के अनुसार रमजान पपीता, तरबूज, सेब, अनार, खजूर, प्याज, तेल, बेसन के दाम बढ़ जाते हैं। फिर भी रोजेदारों के हौसले बुलंद हैं। इफ्तार पर दस्तरखान सजे मिलते हैं। दुकानों पर भीड़ लगी रहती है।

रमजान में अधिक खपत वाले मेवों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। बादाम, काजू, पिस्ता और अखरोट के दामों में 50 से 200 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। व्यापारियों के अनुसार, थोक बाजारों में भी इनकी कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे खुदरा बाजार में भी असर पड़ रहा है। रमजान में सहरी और इफ्तार के दौरान इस्तेमाल होने वाले कचरी, चिप्स और पापड़ की कीमतों में भी 5 से 10 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। चीनी मसाले जैसी जरूरी चीजों के दाम भी धीरे-धीरे ऊपर जा रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ रहा है।
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सेमरियावां चौराहा पर फल बिक्री कर रहे मारूफ अहमद का कहना है कि रमजान शुरू होते देख फल महंगे हो गए हैं। अभी और दाम बढ़ने की उम्मीद है। अंगूर फुटकर बाजार में 200 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। सबसे ज्यादा महंगाई तो सेब पर है, जो फुटकर में 150 रुपये प्रति किलो से 250 रुपये किलो तक बिक रहा है। पपीता भी 50 रुपये किलो बिका रहा है। वहीं, कीनू 70 रुपये प्रति किलो तो संतरा 90 रुपये किलो बिक रहा है।
काले अंगूर 200 रुपये किलो बिक रहा है। बाहर से आने वाला तरबूज भी 50 प्रति किलोग्राम बिक रहा है। इस बार कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। सेब, केला, खजूर, तरबूज, पपीता के दाम 20 से 50 रुपये किलो तक बढ़ गए हैं। विक्रेताओं का कहना है कि मांग बढ़ने के साथ ही कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।


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सबसे ज्यादा खाई जाती है खजूर
माह-ए-रमजान के इफ्तार में खजूर को इस्लाम में सुन्नत बताया गया है इस महीने में एक खजूर ऐसी चीज है जो सबसे ज्यादा खाई जाती है और ज्यादातर घरों में इस्तेमाल होती है। बताया जाता है कि खजूर पोषक तत्वों से भरपूर होती है। 100 ग्राम खजूर में तकरीबन 277 कैलोरीज होती हैं। जो तकरीबन 3 रोटी के बराबर एनर्जी देती है। बता दें खजूर से रोजा खोलने का फायदा यह भी होता है कि यह बॉडी को तेजी से एनर्जी देने का काम करती है। सेमरियावां में खजूर विक्रेता जियाउद्दीन ने बताया कि कलमी खजूर 600 रुपये किलो, मशरुक 400 रूपये, सगई 550 रूपये, राबिया 350 रूपये, मैबरूम 1000 रुपये, मेडजूल 1200 रुपये, अंबर, अजवा 1000 रुपये बिक रही है। रूह अफज़ा की बिक्री भी जोरों पर है। रोजेदार इफ्तार के वक्त गले की तरावट के साथ ठंडक पहुंचाने के लिए शरबत का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।
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भूख प्यास से इम्युनिटी पाॅवर पर पड़ता है असर
सीएचसी के डाॅक्टर जावेद अख्तर ने बताया कि रोजेदार पूरे दिन भूखे-प्यासे रहते हैं। इसके चलते उनकी इम्यूनिटी पाॅवर घट जाती है। इफ्तार के समय नारियल पानी, पपीता, तरबूज पानी की कमी पूरी करते हैं और इंस्टेंट एनर्जी देते हैं। वहीं सेब, अंगूर, केला जैसे फल भूख मिटाते हैं। यदि फलों के बजाए इफ्तारी के समय तला और भुना खाते हैं तो पानी की कमी पूरी नहीं होगी। साथ ही यह पाचन शक्ति को भी प्रभावित करेगा। इफ्तार में इस्तेमाल किए जाने वाला फल खजूर सबसे महत्वपूर्ण है। खजूर से शरीर में एनर्जी मिलती है ये स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
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