बेलहर/संतकबीरनगर। बेलहर थानाक्षेत्र के भेला खर्ग कला गांव में नरकंकाल मिलने के मामले में पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद नरकंकाल को उसी गांव की निवासी सावित्री देवी के परिजनों को सौंप दिया। उसने यह दावा किया था कि यह कंकाल उसके लापता हुए पति का है। पुलिस ने दावे की पुष्टि के लिए कंकाल एक हिस्सा सुरक्षित रखा है जिसकी शीघ्र ही डीएनए जांच की जाएगी।
गांव में 11 जनवरी को नरकंकाल मिलने के बाद भेला खर्ग कला की सावित्री देवी ने दावा किया था कि वह नरकंकाल उसके पति रामनारायण का है। वह 1 जुलाई 2024 से ही लापता हैं। इस मामले में बेलहर थाने में गुमशुदगी भी दर्ज है। उसने दावे की पुष्टि करने के लिए वहां से मिले चप्पल और शर्ट को आधार बनाया। पुलिस ने उस कंकाल का पोस्टमार्टम कराया तथा उसमें से कुछ हिस्सा कटवाकर डीएनए जांच के लिए सुरक्षित कर लिया। साथ ही महिला की मांग पर नरकंकाल दाह संस्कार के लिए सौंप दिया गया। अब सुरक्षित टुकड़े का उस महिला के देवर से उस नरकंकाल के डीएनए का मिलान कराया जाएगा। थानाध्यक्ष नन्दू गौतम ने बताया कि पोस्टमार्टम में कुछ स्पष्ट नहीं आया है। उस कंकाल का सैंपल सुरिक्षत करके रख लिया गया है। साथ ही बाकी हिस्सा नरकंकाल अपने पति के होने का दावा करने वाली महिला को दे दिया गया। डीएनए जांच के बाद ही पता चलेगा कि वह कंकाल वास्तव में किसका है।र