संतकबीरनगर। मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाया जाना है। इसको लेकर अभी से तिल व गुड़ की सोंधी महक से बाजार गुलजार हैं। बीते साल की अपेक्षा इस साल 10 से 15 रुपये तक सामान महंगे हो गए हैं, लेकिन इसका असर बाजार में नहीं दिख रहा है। लोग पूजा-पाठ में लगने वाले सामानों की खरीदारी में जुटे हैं।
समय माता मंदिर के पुजारी बृजेश मिश्र ने बताया कि मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को हैं। इसी दिन शाही स्नान भी है। बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान करते हैं। इसके मद्देनजर शहर से लेकर ग्रामीण अंचल के बाजार पूरी तरह से गुलजार है। खरीदारी के लिए दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लग रही है। त्योहार से संबंधित सामग्री की खरीददारी लोग तेजी से कर रहे हैं। घरों में ढूंढा, तिल का लडडू, लाई आदि बनने शुरू हो गए हैं।
खलीलाबाद, मेंहदावल, नाथनगर, महुलरी, धनघटा, हैंसर, बखिरा समेत विभिन्न बाजार में तिल, गुड़, लाई-चूड़ा, ढूंढा, तिलकुट, पट्टी, बादाम पट्टी, चना पट्टी, तिल की पट्टी आदि की दुकानें सजी हैं। मेंहदावल के गणेश, विजय ने बताया कि खरीददारी के लिए दोपहर में ग्राहकों की भीड़ हो रही है। 10 से 15 रुपये विभिन्न सामान महंगे हुए हैं। लेकिन इसका असर बाजार में नहीं दिख रहा है।
खाद्य सामग्री के दाम
दुकानदार लवकुश ने बताया कि लाई 50 रुपये प्रति किलो बिक रही है। इसी तरह चूड़ा 60-70, तिल के लड्डू का पैकेट 50 रुपये, गट्टा 80 से 100 रुपये किलो, चना पट्टी 120, बादाम पट्टी 140 से 200, मिनी पट्टी 120, तिल की पट्टी 170, गुड 120 से 140 रुपये बिक रहा है। हालांकि यह रेट विभिन्न बाजारों अलग-अलग हैं।
सैकड़ों वर्ष बाद विशिष्ट योग लेकर आ रहा है मकर संक्रांति
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धर्मसिंहवा। इस बार सैकड़ों वर्ष बाद विशिष्ट योग से परिपूर्ण मकर संक्रांति होगा और इसके प्रभाव से संकटों में कमी आएगी। ज्योतिषाचार्य इंद्रासन मिश्रा ने बताया कि माघ कृष्ण प्रतिपदा मंगलवार को दिन में 2:55 बजे मकर संक्रांति प्रवेश हो रहा है। पुण्य काल 14 जनवरी को सूर्योदय से ही प्रारंभ हो रहा है और 15 जनवरी के सुबह 9 बजे तक रहेगा। इस दौरान पूजा-पाठ, दान देना लोगों के लिए हितकर होगा। उन्होंने बताया कि पीले वस्त्र पहने सूर्य देव शेर पर सवार होकर दक्षिणायन से उत्तरायण होंगे यह दिन में केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी विशेष माना जाता है। इस दिन सूर्य उपासना के साथ-साथ त्रिवेणी संगम और गंगा स्नान का विशेष महत्व है। संक्रांति बदलने पर खिचड़ी खाने खिलाने अन्य दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। मकर संक्रांति बदलने के साथ प्रयागराज में कुंभ स्नान का पुण्य क्रम शुरू हो जाएगा। सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण प्रवेश के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा रुके हुए विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत सहित अन्य मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। संवाद