जल का अंधाधुंध दोहन घातक : कौशल
- सरस्वती शिशु मंदिर में विश्व जल संरक्षण दिवस का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बखिरा। पंडित यदुनाथ राधेरमण सरस्वती शिशु मंदिर बखिरा में मंगलवार को विश्व जल संरक्षण दिवस पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें बच्चों को जल की महत्ता के बारे में बताया गया।
प्रधानाचार्य कौशल कुमार मिश्र ने कहा कि बढ़ते औद्योगीकरण, अति-उपयोग और सभी प्राकृतिक स्रोतों के दोहन की वजह से मानव जीवन को पानी की तीव्र कमी जैसी विकट परिस्थियों का सामना करना पड़ रहा है। दुनिया में 99 प्रतिशत जल महासागरों, नदियों, झीलों व झरनों के अनुरूप है। जबकि मात्र एक प्रतिशत जल ही पीने योग्य है। पानी सभी प्राणियों के अस्तित्व का एक अहम निर्माण खंड है। इसलिए हर साल 22 मार्च को विश्व जल संक्षरण दिवस के रुप में मनाया जाता है। जिससे ताजे पानी के महत्व और इस महत्वपूर्ण संसाधन के सतत प्रबंधन के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सकें। अध्यापक सुरेशचंद मिश्रण कहा कि इस दिन को मनाने का उद्देश्य दुनिया को यह बताना है कि पानी बचाना कितना जरूरी है, यह हमारा मूलभूत संसाधन है। लोगों को बताना कि पानी के बिना उनके अस्तित्व पर संकट गहरा सकता है। इस अवसर पर रंजना त्रिपाठी, प्रतिभा त्रिपाठी, श्रेया नायक, पुष्पा त्रिपाठी, कृष्णानंद मिश्र, सुरेशचंद मिश्र, रविंद्र सिंह, महेंद्रमाणि मौजूद रहे।