संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। अर्नब तूफान के प्रभाव से तीन दिन से हो रही बारिश के बीच सरयू के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। नदी का जलस्तर शनिवार की सुबह 91.740 पर था जो शाम को 91.840 पर पहुंच गया। इस वृद्धि ने दियारा क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को 56 एमएम बारिश हुई। मैदानी इलाकों के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते नदी के जलस्तर में और वृद्धि की आशंका जताई जा रही है। सरयू और एमबीडी बांध के बीच बसे ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
पिछले दिनों सरयू के जलस्तर में वृद्धि के दौरान नदी का पानी एमबीडी बांध तक पहुंच गया था। क्षेत्र के कई संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हो गया था। पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया था और लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा था।
कई गांवों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित थी। इधर तीन दिनों से हो रही बारिश और तेज हवा के झोंकों ने ग्रामीणों की चिंता फिर बढ़ा दी है। लोगों को आशंका है कि यदि सरयू के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई तो उन्हें एक बार फिर बाढ़ की पुरानी दुश्वारियों का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन गायघाट, करनपुर, भौवापार,चकदहा, ढोलबजा और सियरकला समेत दियारा क्षेत्र के अन्य गांवों में ग्रामीण नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछली बाढ़ का असर अभी पूरी तरह भुला नहीं पाए हैं, ऐसे में दोबारा बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। लगातार दो बार आई बाढ़ के कारण दियारा के 18 गांव प्रभावित हुए थे।
एक बार फिर सरयू नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से लोग भयभीत होने लगे हैं। गायघाट दक्षिणी के प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू, रामशंकर, दीनदयाल, अभिमन्यु, अनिल कुमार, अजय आदि का कहना है कि इस बार अगर पिछली बार की तरह बाढ़ आई तो घर से पलायन करना मजबूरी हो जाएगी।