धनघटा। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के कारण सरयू नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही नदी का कटान भी तेज हो गया है। इससे किसानों की कृषि योग्य भूमि नदी की धारा में समाती जा रही है। रविवार को सरयू के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जलस्तर बढ़ने से नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। धनघटा तहसील क्षेत्र के 32 गांव एमबीडी बांध और सरयू नदी के बीच स्थित हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने पर इन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है। ग्रामीणों के मुताबिक, नदी के बढ़ाव के दौरान कटान की रफ्तार कम रहती है, जबकि जलस्तर घटने पर कटान तेज हो जाती है। इस वर्ष दौलतपुर गांव के पास नदी तेजी से कटान कर रही है।
हालांकि अभी तक किसी गांव में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी के जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच सकता है। ग्रामीण रामचरित, सूर्यनाथ, खेताहू, राम नवल और दयाशंकर आदि ने बताया कि क्षेत्र में दो बार बाढ़ आ चुकी है। पोखरे और तालाब पहले से ही लबालब हैं। ऐसे में थोड़ी और बढ़ोतरी होने पर गायघाट दक्षिणी, गुनवतिया, चकदहा, सुअरहा, सियर कला, दौलतपुर और ढोलबजा समेत कई गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।