खतरे के निशान के करीब पहुंची सरयू, दहशत में लोग
- लाल निशान से 55 सेंटीमीटर नीचे है नदी का जलस्तर
- अचानक पानी बढ़ने से बढ़ी दिक्कत, 24 गांवों के लोग होंगे प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। सरयू नदी का जलस्तर शनिवार की शाम चार बजे खतरे के निशान के समीप पहुंच गया। जलस्तर इसी प्रकार बढ़ता रहा तो अगले 24 घंटे में नदी तबाही मचा देगी। बढ़ते जलस्तर को देख नदी व बंधे के बीच बसे 24 गांवों के लोग चिंतित हैं। एसडीएम ने क्षेत्र के लेखपालों को सतर्क करते हुए आपात स्थिति की तत्काल सूचना देने व आवश्यक होने पर गांव खाली कराने का इंतजाम कराने का भी निर्देश दे दिया है।
सरयू नदी का जलस्तर एक पखवारे से स्थिर था। परंतु शुक्रवार की शाम से ही जलस्तर काफी तेजी से बढ़ने लगा है। सिंचाई विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार शारदा बैराज से नदी में 84285 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं गिरिजा बैराज से 83785 क्यूसेक और सरयू बैराज से 1342 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सिंचाई विभाग के अभियंताओं का मानना है कि अगले 15 घंटे बाद इसका असर जिले में पड़ेगा। इधर तुर्कवलिया गांव के समीप लगे गेज पर शुक्रवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर 78.80 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 79.34 मीटर पर है। इसकी जानकारी से तहसील प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। पल-पल की रिपोर्ट ली जाने लगी है। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि सरयू नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 55 सेंटीमीटर नीचे है। जिसको देखते हुए सभी संबंधित लेखपालों को अपने क्षेत्र में लगातार संपर्क में रहने व रिपोर्ट देने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ी तो नदी व बंधे के बीच बसे गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जाएगा।
00000
यह गांव होंगे प्रभावित
सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से धनघटा तहसील क्षेत्र में सरैया, खरैया, ढोलबजा, चकदहा, सुअरहा, गुनवतिया, भौआपार, सियाराम अधीन, कंचनपुर, गायघाट, चपरा के केवटाही सहित 24 गांव सीधे प्रभावित होंगे। नदी व बांध के बीच बसी करीब 40 हजार की यह आबादी हर साल बरसात में बाढ़ से प्रभावित होती है।