बिड़हर घाट पुल के पास उफानती हुई सरयू का दृश्य
संवाद न्यूज एजेंसी महुली/रोसया बाजार। धनघटा के दियारा क्षेत्र में बहने वाली सरयू नदी एक बार फिर अपने उफान पर आ रही है। खतरे के निशान से सिर्फ 50 सेंटीमीटर नदी बह रही है। वर्तमान में लहरों में भी शोर तेज हो गया है। नदी के जलस्तर में 24 घंटे में पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। इससे द्वाबा क्षेत्र के 32 गांवों के लोगों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। द्वाबा क्षेत्र में बहने वाली सरयू नदी एक बार फिर उफान पर आ रही है। नदी एल्गिन ब्रिज के साथ ही अयोध्या में भी खतरे के निशान को छू रही है। वहीं नदी में प्रवाह भी तेज हो रहा है। वहीं नदी की उपधाराएं जो अब दिखने लगी थीं, वह फिर डूबने लगी हैं। नकहा, तेजपुर, माझा खड़कपुर, भोतहा, ढोलबजवा, गायघाट समेत अन्य स्थानों पर नदी तेज प्रवाह में चल रही है। उपधाराओं में भी प्रवाह तेज देखा जा रहा है।
माझा खड़कपुर के श्रीधर बताते हैं कि नदी का प्रवाह इस बार तेज दिख रहा है। लहरें आवाज करती हुई चल रही हैं। वहीं नकहा के रामजीत कहते हैं कि नदी की धारा में इस बार तेजी दिख रही है। पानी भी इस बार काफी मटमैला दिख रहा है। ढोलबजवा के रवींद्र कहते हैं कि इस बार नाव चलाने में भी दिक्कत महसूस हो रही है। क्योंकि उपधाराओं में भी नदी की धारा तेजी से चल रही है। स्थिति यह है कि नदी की तेज धारा के चलते चप्पू चलाने में भी कठिनाई हो रही है। वहीं नदी की लहरों का शोर भी बढ़ा रहा है।
फसलों के साथ ही डूब गया हरा चारा : नदी के तटवर्ती क्षेत्रों के साथ ही छह किलोमीटर चौड़ाई में फैले सरयू के द्वाबा क्षेत्र की गन्ना, धान, सब्जियों की फसलें डूबी हुई हैं। वहीं पशुओं के लिए बोया गया चारा भी पूरी तरह से डूब गया है। अब तक किसान ऊंचे स्थानों से चारा लाते थे। लेकिन वह भी धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है। अब मैदानी क्षेत्र से लोगों को चारा लाना पड़ रहा है। कुल मिलाकर पशुओं के चारे का संकट गहराता जा रहा है।