धनघटा। सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार को अयोध्या में खतरे के निशान को पार कर 92.970 मीटर पहुंच गया। 12 घंटे में नदी का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ने से धनघटा तहसील क्षेत्र के 32 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। तहसील प्रशासन ने तीन गांवों में लोगों के आने-जाने के लिए पांच नाव लगाई हैं।
पहले दो बार आई बाढ़ से ग्रामीणों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। कई घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान खराब हो गया, जबकि पशुओं के लिए रखा भूसा भी सड़ने लगा है। ग्रामीण रंजीत, कोमल, अभिमन्यु, रामराज और गणेश प्रसाद ने बताया कि पिछली बाढ़ का पानी पूरी तरह सूखा भी नहीं था कि तीसरी बार बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो दिनों में पानी तेजी से बढ़ने से कई संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। गुनवतिया, चकदहा और भौवापार जाने वाले रास्तों पर पानी भर जाने से लोगों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। सियरकला में संपर्क मार्ग कट जाने के कारण भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। चकदहा, भौवापार, गुनवतिया, ढोलबजा, सुअरहा, गायघाट दक्षिणी, धमचिया और सुमित समेत करीब 15 गांव पानी से घिर गए हैं।
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि दियारा क्षेत्र में चार दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। इससे लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं और मोबाइल चार्ज कराने के लिए कूरी बाजार जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने राहत सामग्री और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की है।
एसडीएम वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मियों को लगाया गया है। जिन स्थानों पर आवागमन प्रभावित हुआ है, वहां जरूरत के अनुसार नाव लगाई जा रही है।