संतकबीरनगर। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायती प्रार्थनापत्रों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि का डीएम ने फीडबैक लिया। इसमें फरियादियों की असंतुष्टि का आंकड़ा 50 प्रतिशत से अधिक पाए जाने पर डीएम ने उपायुक्त वाणिज्यकर समेत नौ अधिकारियों का अगस्त का वेतन रोक दिया है।
वहीं 12 अधिकारियों को चेतावनी पत्र जारी किया है। शासन का यह निर्देश है कि आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायती पत्रों का समय से निस्तारण किया जाए और कोई भी प्रकरण डिफाॅल्टर न हो। प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के साथ शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि का फीडबैक भी लिया जाए।
संदर्भों की समीक्षा बैठक में बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कुछ अधिकारियों की ओर से लापरवाही की जा रही थी। डीएम के निर्देश पर निस्तारित मामलों का फीडबैक लिया गया। इनमें नौ अधिकारी ऐसे पाए गए, जिनसे 50 प्रतिशत से अधिक शिकायतकर्ता असंतुष्ट हैं। इन अधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश डीएम ने दिए हैं।
इन अधिकारियों में उपायुक्त वाणिज्य कर अधिकारी, बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी मेंहदावल, प्रभारी चिकित्साधिकारी नाथनगर, सहायक विकास अधिकारी हैसर बाजार, सहायक विकास अधिकारी सेमरियांवा, खंड विकास अधिकारी नाथनगर, खंड विकास अधिकारी सेमरियांवा/ खलीलाबद शामिल हैं।
इन अधिकारियों का माह अगस्त का वेतन बाधित किया गया है। साथ ही तीन दिन के अन्दर इस बात का स्पष्टीकरण देने को कहा गया है कि उन्होंने अपने शिकायतकर्ताओं को कैसे संतुष्ट किया और आगे इस दिशा में क्या कार्य कर रहे हैं कि शिकायतकर्ता असंतुष्ट न हों।