संतकबीरनगर। कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे के कानफोड़ू शोर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शिव को खुश करने निकलने भक्त डीजे के शोर से दूसरे भक्तों की समस्या बढ़ा रहे हैं। तेज आवाज में बज रहे डीजे से न सिर्फ बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोगों की धड़कन भी बढ़ जा रही है।
डीजे की तेज आवाज पर प्रतिबंध लगाने के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन यह प्रतिबंध केवल कागजों में सिमट कर रह गया है। हकीकत में डीजे के शोर में बीमार परेशान हो रहे हैं तो वहीं आम लोग चिड़चिड़े होने लगे हैं। कांवड़ यात्रा में डीजे का प्रचलन काफी तेजी से बढ़ा है। जलाभिषेक के दौरान कांवड़ियों की टोली डीजे की तेज धुन पर झूमते चलती है। कानफाेड़ू आवाज के साथ ही जब डीजे की तरंगें निकलती हैं तो लोगों की धड़कने बढ़ जाती है। बिड़हरघाट से लेकर तामेश्वरनाथ धाम के कांवड़ मार्ग के साथ ही जाते समय कांवड़ियों की टोलियां शहर से भी तेज धुन में डीजे बजाते हुए निकलती है। स्थिति है कि लोगों के दरवाजे और खिड़कियां तक हिलने लगते हैं। शरीर के विभिन्न अंगों में भी कंपन होने लगता है।
शहर में रहने वाले लोग डीजे के शोर के चलते ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं और बीमार हो रहे हैं। खासकर शनिवार, रविवार और सोमवार के दिन वर्तमान समय में ऐसी स्थिति आ रही है। फिलहाल डीजे के शोर से लोगों को काफी परेशानियां हो रही हैं, वह भी उनको जो कांवड़ रूट पर रहने वाले हैं।