धनघटा। विकास खंड हैसर बाजार के डेबरी गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया के दौरान गांव में गोलबंदी शुरू हो गई है। गांव के लोग दो गुटों में बंट चुके हैं। कुछ ग्रामीण चकबंदी कर्मियों पर अनियमितता बरतने का आरोप लगा रहे हैं। इससे गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
वर्ष 2017 से डेबरी गांव में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। इसमें हैसर बाजार, अशरफपुर मार्ग के बगल में चक हासिल करना लोगों की प्राथमिकता हो गई है। किसान राम खुशी, रामानुज, रघुवर, ओंकार नाथ आदि का कहना है कि जिन लोगों का चक पहले से ही सड़क के किनारे था, उनके साथ भेदभाव करते हुए नियम विरुद्ध उन्हें दूसरे स्थान पर चक दिया जा रहा है।
वहीं जो गांव में पहुंच वाले हैं या प्रधान व उनके करीबी हैं। उन लोगों को सड़क के किनारे चक आवंटन किया जा रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने इस काम में चकबंदी विभाग के लोगों पर धनउगाही करने का आरोप भी लगाया।
ग्रामीणों का कहना है कि नियमानुसार चकबंदी प्रक्रिया संचालित करने की मांग को लेकर गांव के लोग कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। बीते दिनों गांव में चकबंदी विभाग के अधिकारियों को बंधक भी बनाया गया था, जिसके बाद गांव का माहौल एकाएक गर्म हो गया।
गांव के लोग दो गुटों में विभाजित होकर आमने-सामने आ गए। गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने 20 लोगों को पाबंद करते हुए ग्राम प्रधान अजय कुमार और शेरू का भी चालान किया है। इसके बाद भी गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।