संतकबीरनगर। समाजवादी पार्टी की शनिवार को जिला कार्यकारिणी की मासिक बैठक में सपा उपाध्यक्ष और महासचिव के बीच हुए विवाद के बाद जिला उपाध्यक्ष को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। इसको लेकर रविवार को सपा जिलाध्यक्ष अब्दुल कलाम ने पत्रकार वार्ता की।
उन्होंने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। प्रकरण की जांच कर यह शीर्ष नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि सपा के प्रदेश सचिव लोरिक यादव, राम आशीष यादव, इंदल यादव, राम दरस यादव, केडी यादव कमेटी में शामिल हैं। यह कमेटी दोनों पक्षों से बयान लेकर पूरे प्रकरण की जांच करेंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसमें जो भी संलिप्त होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि शनिवार को पार्टी की मासिक बैठक हो रही थी। महासचिव विनोद यादव बैठक का संचालन कर रहे थे। उसी दौरान जिला उपाध्यक्ष लाल बहादुर यादव ने आपत्ति जताई कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया। इस पर उन्हें बताया कहा गया कि गर्मी अधिक है और बैठक को जल्द से जल्द खत्म किया जाना है। इस पर वह भड़क गए और महासचिव से उलझ गए। किसी तरह से विवाद को कार्यकर्ताओं ने शांत कराया है।
इस मामले में निष्कासित जिला उपाध्यक्ष का कहना है कि वह अंतिम क्षण तक सपा को नहीं छोड़ेंगे और उनके साथ हुई कार्रवाई से पार्टी हाईकमान को अवगत कराएंगे।