सद्गुरु कबीर ने समाज को दी नई दिशा : महंत विचार दास
- कबीर की जयंती पर ध्वजारोहण और बीजक पाठ के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर/संतकबीरनगर। सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली कबीर चौरा मगहर स्थित कबीर की समाधि परिसर में बृहस्पतिवार को कबीर का 623वां प्राक्ट्य दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और बीजक पाठ से हुआ। बाद में सत्संग, कबीर भजन और भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें दूर दराज से आए कबीरपंथी साधु संतों और अनुयायियों ने हिस्सा लिया। कोरोना संक्रमण की वजह से श्रद्धालुओं की संख्या कम रही।
कार्यक्रम की शुरुआत महंत विचारदास के द्वारा ध्वजारोहण से की गई। उसके बाद संतों ने बीजक पाठ के साथ वातावरण की शुद्धि के लिए हवन भी किया। इसके साथ ही सत्संग का कार्यक्रम संपंन हुया। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने कबीर की समाधि व मजार का दर्शन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
कबीर चौरा मठ के महंत विचार दास ने कहा कि सद्गुरु कबीर ने समाज को एक नई दिशा देने का कार्य किया है। सदैव मानव सेवा का दर्श दिया। अपने दोहों के माध्यम से समाज में फैली बुराइयों, वैमनष्यता को दूर करने का प्रयास करते हुए आपसी सौहार्द, प्रेम, एकता का संदेश दिया है। आज विश्व जिस संकट के दरवाजे पर खड़ा है, ऐसे में इनकी कही हुई वाणी और प्रासंगिक हो जाती है। किसी भी बड़े बुजुर्ग, महापुरूषों के जयंती को मनाने से उनके जीवन से प्रेरणा मिलती है, जो नई पीढ़ी के लोग हैं, उन्हें भी उन महापुरूषों के बारे में विस्तार से जानने का अवसर मिलता है।
माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री एवं जिले के जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी ने सद्गुरु कबीर को नमन किया। उन्होंने कहा कि निर्गुण भक्ति धारा के प्रख्यात सूफी संत कवि महान सूफी संत कबीर ने अपने ज्ञान से समाज के लिए बाहरी आडंबरों से दूर रहकर प्रभु की सच्ची भक्ति का मार्ग प्रशस्त किया। उनका जीवन हमें चैतन्य और प्रबुद्धता के साथ जीने के लिए प्रेरित करता है।
इस मौके पर प्रधानाचार्य डॉक्टर राकेश सिंह, रामशंकर यादव, डॉक्टर हरिशरण शास्त्री, राजेश उर्फ गुड्डू वर्मा, डॉक्टर एके पांडेय, संत अरविंद दास शास्त्री, संत केशव दास, मुतवल्ली खादिम हुसेन, संत शांति दास, अवधेश सिंह, संत नागादास, अवधेश दास, विनोद दास, वैद्य रामसरन दास, कल्पनाथ दास, पारसनाथ दास, रविप्रकाश पांडेय आदि मौजूद रहे।
0000000
भंडारे में श्रद्धालुओं ने चखा प्रसाद
सद्गुरु कबीर के 623वें प्राकट्य दिवस पर कबीर समाधि परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन महंत विचारदास के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जो अनवरत देर शाम तक चलता रहा। जिसमें स्थानीय लोगों के अलावा कबीर पंथी साधु, संतों, श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
0000000
कबीर भजन का भक्तों ने उठाया लुत्फ
सद्गुरु कबीर के 623वें प्राकट्य दिवस पर कबीर समाधि परिसर में कबीर भजन का आयोजन महंत विचारदास के सानिध्य में हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में कबीर भक्तों ने कबीर भजन का लुत्फ लिया और भक्ति रस में झूमते रहे। कार्यक्रम में कबीर भजन की शुरुआत डॉक्टर हरिशरण शास्त्री ने अपने भजन ‘आवा चली सद्गुरु के द्वार’ से की। इसके बाद उन्होंने ’सद्गुरु रीझकर कहा एक प्रसंग’ सुनाकर भक्ति रस का रसपान कराया। इसके बाद उन्होंने ‘सुखिया सब संसार है और भाई रे द्वि जगदीश कहां से आया कह कौन बौराया सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।