संतकबीरनगर। डीआईओएस ने जिले के एक राजकीय माध्यमिक स्कूल और दो एडेड विद्यालय का निरीक्षण किया। जहां स्कूलों में कमी मिलने पर दो प्रधानाध्यापक का वेतन रोक दिया है। इसके साथ ही स्पष्टीकरण तलब किया है। डीआईओएस ने कहा कि लगातार निरीक्षण चलता रहेगा।
डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने बताया कि 17 जुलाई को राजकीय उमावि भगवानपुर का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान समस्त स्टाफ उपस्थित थे। विद्यालय में कक्षा 9 में कुल 13 नामांकन के सापेक्ष 05 छात्र-छात्रांए तथा कक्षा 10 में कुल 28 नामांकन के सापेक्ष 15 छात्र-छात्राएं उपस्थित पाए गए। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली। विद्यालय में फर्नीचर एवं अन्य सामग्री व्यवस्थित ढंग से नहीं पाया गया।
विद्यालय में पठन-पाठन कार्य संचालित पाया गया। उपस्थित छात्र-छात्राओं से विद्यालय में आयोजित विभिन्न गतिविधियों यथा-खान एकेडमी, पंख पोर्टल व अन्य लाइन प्लेटफार्म के बारे में पूछने पर अनभिज्ञता जाहिर किया गया। जिससे स्पष्ट है कि विभाग द्वारा बार-बार दिए गए निर्देश के बावजूद समस्त संबंधित द्वारा अपनी दायित्वों का संमयक निर्वहन नहीं किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में छात्र-छात्रांए शिक्षा की नवाचारों से वंचित रह जाते हैं तथा जनपद का रैंक भी प्रभावित होता है।
उन्होंने कहाकि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका निमिषा चौधरी का वेतन रोक दिया है। एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा गया है। निरीक्षण के दौरान डीसी समग्र शिक्षा धर्मेंद्र मिश्र मौजूद रहे।