बजट उपलब्ध होने के बाद भी भुगतान में अड़चन
- पांच माह से नहीं हुआ आशा व आशा संगिनी के पारिश्रमिक का भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही आशा व आशा संगिनी का पारिश्रमिक भुगतान पांच माह से नहीं हुआ है। पहले बजट की कमी के कारण भुगतान फंसा रहा। अब पोर्टल से भुगतान बन पाने में समस्या आ रही है। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही पोर्टल की समस्या दूर कराने का आश्वासन दे रहा है।
जिले के विभिन्न ब्लॉकों में कुल 2000 आशा और 83 आशा संगिनी कार्य कर रही हैं। कहीं मार्च से तो कहीं अप्रैल माह से उनका भुगतान नहीं हो पाया है। कारण यह है कि शासन ने भुगतान की व्यवस्था बदल दी है। पहले आशा व आशा संगिनी का भुगतान ब्लॉक स्तर से होता रहा है, लेकिन अप्रैल माह में भुगतान सीएमओ कार्यालय से होना है।
इसके लिए व्यवस्था यह दी गई है कि बीसीपीएम एमआईएस से भुगतान बनाकर दिया जाएगा। इसके सापेक्ष शासन से बजट उपलब्ध होना है। वर्तमान स्थिति यह है कि बीसीपीएम एमआईएस से भुगतान बनकर सम्मिट किया गया है, जिसके सापेक्ष करीब एक करोड़ रुपये शासन ने उपलब्ध करा दिया गया है, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है।
बताया जा रहा है कि भुगतान के लिए जो पोर्टल बनाया गया है, उस पर ब्लॉक स्तर से बनाया गया भुगतान मिस मैच कर रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक भुगतान की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
आशा कार्यकर्ता अंकिता, संकलावती, प्रमिला आदि का कहना है कि भुगतान न होने के कारण आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मांग किया कि जल्द से जल्द भुगतान कराया जाए। इस संबंध में एसीएमओ डॉ. मोहन झा ने बताया कि जल्द ही भुगतान हो जाएगा।