साइकिल चोरी के आरोप में युवक को पीटा, मौत
पिता-पुत्र समेत तीन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज
धनघटा(संतकबीरनगर)। तीन दिन पहले सोनडीहा गांव में साइकिल चोरी करने के आरोप में कुछ लोगों ने एक युवक की पिटाई कर दी थी। रविवार रात जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सोमवार को पुलिस ने इस मामले में आरोपी पिता-पुत्र समेत तीन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया।
पीड़ित छोटे भाई सुधाकर का कहना है कि मां अनीता देवी की मौत एक वर्ष पहले हो गई थी। उनकी मौत के बाद बड़े भाई 26 वर्षीय दिवाकर घर पर रहते थे। जबकि परिवार के सभी सदस्य पिता रामरूप के साथ चंडीगढ़ में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं। दिवाकर शुक्रवार शाम को जरूरत के सामान की खरीदारी के लिए हैंसर बाजार गए थे।
गांव निवासी एक युवक भी उस समय साइकिल से वहां पहुंच गया। उस युवक की साइकिल भूल वश लेकर दिवाकर घर चले आए। साइकिल की तलाश करते हुए युवक अपने भाई और पिता के साथ घर पहुंचे। पूछताछ में दिवाकर ने गलती स्वीकार करते हुए साइकिल लौटा दी। आरोप है कि उसी बात को लेकर युवक उसके भाई और पिता ने लाठी-डंडों से पिटाई कर दिवाकर को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
गांव स्थित एक चिकित्सक के वहां दिवाकर का इलाज चल रहा था। रविवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई तो एंबुलेंस से गांव के लोगों ने सीएचसी मलौली पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में रविवार रात उनकी मौत हो गई। एसओ केडी सिंह ने बताया कि मामले में सोनडीहा गांव निवासी श्याम मिलन और उनके पुत्र सोनू व पंकज के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया गया। जल्द ही आरोपी पुलिस की पकड़ में होंगे।
तड़पता रहा दिवाकर, मदद को नहीं पहुंचे लोग
थाने से महज तीन किमी पर गांव और सूचना से अनभिज्ञ रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। मजबूत नेटवर्किंग के जरिए अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने का पुलिस दावा करती है। जबकि क्षेत्र के सोनडीहा गांव निवासी 26 वर्षीय युवक की कुछ लोगों ने साइकिल चोरी के आरोप में पिटाई कर दी। घायल युवक काफी देर तक तड़पता रहा। घटना थाने से तीन किमी की दूरी पर होने के बावजूद गांव तक पहुंचने में पुलिस को तीन दिन लग गए।
गांव वालों का कहना है कि तत्काल दी गई सूचना को यदि पुलिस ने गंभीरता से लिया होता तो शायद उसकी जिंदगी बच जाती। सोनडीहा निवासी रामरूप और श्याम बिहारी पट्टीदार हैं। रामरूप पत्नी की मौत के बाद अन्य बच्चों को साथ चंडीगढ़ लेकर चले गए। जबकि बड़ा बेटा 26 वर्षीय दिवाकर घर पर रह रहा था।
शुक्रवार शाम को दिवाकर पर साइकिल चोरी करने का आरोप लगाते हुए उसके पट्टीदार श्याम बिहारी और उनके बेटों ने पिटाई कर दी। घर पर अन्य सदस्य न रहने के कारण दिवाकर रात भर बगैर इलाज के चारपाई पर तड़पता रहा, लेकिन पड़ोसी श्याम बिहारी के डर के कारण उसकी मदद में कोई नहीं पहुंचा। गांव वालों का कहना है कि शनिवार सुबह दिवाकर की हालत बिगड़ने लगी तो कुछ लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को देने के साथ गांव स्थित एक चिकित्सक के वहां से दवा ले जाकर दिवाकर को खिला दिया, लेकिन उस दवा से दिवाकर को कोई लाभ नहीं हुआ और न ही पीड़ित की सुध लेने पुलिस पहुंची।
रविवार सुबह दिवाकर की हालत गंभीर हुई तो पुलिस मौके पर पहुंच गई और 108 नंबर एंबुलेंस से उसे सीएचसी मलौली भिजवा दिया। साथ में ग्राम प्रधान दूध नाथ समेत गांव के लोग गए। दिवाकर की हालत चिंताजनक देखकर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एसओ केडी सिंह ने बताया कि मारपीट की जानकारी होने के तुरंत बाद इस मामले में कार्रवाई की गई। पुलिस पर लापरवाही का आरोप बेबुनियाद है।