पडरौना। ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल खोलने के नियमों को पहले से अब और सख्त कर दिया गया है। ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल खोलने के लिए आए आवेदनों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान शासन की तरफ से सभी निर्धारित नियमों की जांच करने के बाद भी संचालक को ड्राइविंग लाइसेंस खोलने की अनुमति दी जाएगी।
जिले में पांच मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल संचालित हैं। अधिकतर स्कूल मानक विहीन हैं, जो वार्षिक लाइसेंस लेकर बाइक, कार व बस, ट्रक चलाने की ट्रेनिंग देते हैं। कई के पास सिखाने के लिए मैदान तक नहीं हैं। ऐसे में इन स्कूलों के ट्रेनर हाईवे सहित मुख्य मार्गों पर ही चालक बनने का प्रशिक्षण देते हैं। अप्रैल में पंजीकरण रिन्यूअल होते हैं, लेकिन इस बार पंजीकरण नवीनीकरण आसान नहीं होगा। एक वर्ष की लाइसेंस फीस 10 हजार तो इतनी ही सिक्योरिटी राशि के रूप में जमा करनी होगी। ट्रेनिंग स्कूल अपने भवन में संचालित होना जरूरी है। इसके अलावा प्रशिक्षण के लिए आसपास बड़े मैदान का होना भी जरूरी होगा। परिवहन विभाग के आरआई आरडी प्रसाद वर्मा ने कहा कि शासन की तरफ से मिले निर्देश का अनुपालन किया जाएगा। मोटर ट्रेनिंग के लिए शासन की तरफ से निर्धारित सभी नियमों के अनुसार ही लाइसेंस के लिए संस्तुति की जाएगी।