- यात्रियों को झेलनी पड़ती है परेशानी, निजी वाहनों से यात्रा करने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिहरपुर। नाथनगर ब्लाॅक के मुखलिसपुर में बने बस स्टैंड पर परिवहन निगम बसें नहीं रुकती हैं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोग प्राइवेट वाहनों से यात्रा करने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि यदि यहां रोडवेज की बसें रुके तो यात्रियों को काफी सहूलियत होगी।
बिड़हर घाट पुल के जरिए जिले को करीब आधा दर्जन जनपदों से जोड़ने वाले खलीलाबाद-धनघटा मार्ग पर स्थित मुखलिसपुर में बना बस स्टैंड दिखावा बनकर रह गया है। लोगों का कहना है कि बस स्टैंड पर रोडवेज की बसें न रुकने के चलते मुखलिसपुर और आसपास के गांवों के लोगों को दूर-दराज यात्रा करने में असुविधा हो रही है। लोगों को प्राइवेट बसों से यात्रा करना मजबूरी हो गई है।
आंबेडकरनगर, जौनपुर, वाराणसी, प्रयागराज, सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ जनपदों को जिले से जोड़ने वाली इस सड़क पर रोडवेज बसों के संचालन की मांग पूर्व में भी स्थानीय लोगों के जरिए उठाई जा रही थी। बिड़हर घाट पुल बन जाने के बाद से इस सड़क से अन्य जिलों की आवाजाही भी काफी बढ़ गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इस समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन अब भी मुखलिसपुर बस स्टैंड पर रोडवेज बसों का ठहराव नहीं हो रहा। मुखलिसपुर चौराहे से होकर जाने वाली रोडवेज बसें सड़क पर खड़े यात्रियों को तो बैठा लेती हैं, परिसर में नहीं जाती है।
आश्वासन और उद्घाटन के बावजूद नहीं रुकीं बसें
हरिहरपुर। स्थानीय लोगों की मांग पर जनप्रतिनिधियों ने आश्वासनों की घुट्टी पिलाई। कई बार बसों के ठहराव को अमलीजामा पहनाने का भरोसा देते हुए उद्घाटन भी किया, लेकिन बस स्टैंड पर बसें नहीं रुकीं और लोगों के हाथ निराशा ही लगी। रणविजय कुमार यादव, राम कृपाल, अनिरुद्ध, प्रेम शंकर, राम दरश ने बताया कि प्रयागराज स्नान के दौरान कुछ बसें यहां से होकर चलती हैं, लेकिन जैसे ही नहान का समय पूरा है जाता है, बसों का संचालन भी बंद हो जाता है।
यात्रियों की दिक्कतों को देखते हुए परिचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि बसों का ठहराव हर हाल में किया जाए।
- आयुष भटनागर, एआएम बस्ती