संतकबीरनगर। अमृत भारत योजना के तहत खलीलाबाद रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा जा रहा है। नाै करोड़ की लागत से स्टेशन को संवारने के लिए कार्य हो रहे हैं। पार्किंग से लेकर यात्री लाउंज तक सुधार हो चुका है, लेकिन स्टेशन तक पहुंचने वाले रास्तों की हालत खस्ता है। रेलवे स्टेशन के दोनों तरफ के रास्ते टूटे हैं और पानी भरा है, इससे यात्रियों को आने-जाने में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है।
खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर जाने के लिए चार मार्ग हैं। इनमें से पहला मार्ग त्रिपाठी मार्केट की तरफ से आता है, इस मार्ग पर गंदगी का अंबार है। इस मार्ग पर 20 से 30 मीटर की दूरी तक पानी भरा हुआ है। भरे हुए पानी में जब यह गंदगी और कूड़ा फैलता है तो इससे काफी दुर्गंध निकलती है। पैदल इस मार्ग से निकलना दूभर है। दूसरा रास्ता छापड़िया काॅलोनी होकर जाता है, इसकी भी स्थिति बेहद खराब है।
वहीं विधियानी, तितौवा और सुगर मिल चौराहे की तरफ से आने वाले मार्ग की स्थिति भी जर्जर है। खलीलाबाद रेलवे स्टेशन के चारों तरफ कोई ऐसी सड़क नहीं है, जिसके जरिए यात्री सुरक्षित इस मार्ग से आ सके। प्रतिदिन रेलवे स्टेशन पर तीन से चार हजार यात्री उतरते हैं। उनको रिसीव करने के लिए आने वाले लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन मार्गों के निर्माण को लेकर क्षेत्रीय लोगाें ने कुछ दिन पूर्व प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा था, लेकिन अब भी सड़क की बदहाली दूर नहीं हो सकी है।
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पीने के पानी और शौचालय की स्थिति खराब
खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर कुल तीन प्लेटफार्म हैं। इन तीनों प्लेटफार्मों पर पीने के पानी के लिए लगाई गयी तकरीबन 60 टोटियां में से 35 से अधिक टोटियां खराब हो चुकी हैं। स्थिति यह है कि प्लेटफार्म नं एक पर एक साथ लगाई गयी पांच की पांचों टोटियां खराब हैं। वहीं प्लेटफार्म संख्या दो पर लगी टोटियों की हालत कमोवश यही हैं। जब भी ट्रेन रुकती है तो प्लेटफार्म पर बोलतबंद पानी बेचने वालों की भीड़ लग जाती है। प्लेटफार्म के बाहर लाउंज में पानी पीने की अभी कोई व्यवस्था नहीं है। बाहर भी पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। प्लेटफार्म नं दो पर बने दोनों शौचालयों की स्थिति भी ठीक नहीं है। प्लेटफार्म नं एक पर बना पे एंड यूज शौचालय ही ठीक स्थिति में दिखाई देता है।
लिफ्ट और वाटर वेडिंग मशीन से मिल रही सहूलियत
खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए दो लिफ्ट लगाई गई है। इससे प्लेटफार्म एक से प्लेटफार्म दो तक आने-जाने में यात्रियों को काफी सुविधा मिली है। खासकर ऐसे यात्री जो बुजुर्ग, बीमार या दिव्यांग है, उन्हें काफी सहूलियत मिली है। स्टेशन परिसर को भी संवारा जा रहा है। यहां पर झूमर लाइटें लगाई गई हैं। इसके साथ परिसर को आकर्षक बनाने के लिए लाइटें लगाने का कार्य भी चल रहा है। स्वच्छ पेयजल के लिए नई टोटियां लगाई गई। साथ ही वाटर एटीएम की भी सुविधाएं उपलब्ध हो गई है। रेल यात्री मुकेश कुमार, विशाल आदि ने बताया कि खलीलाबाद रेलवे स्टेशन काफी बदल गया है। इससे यात्रियों को राहत मिली है।
लोग बोले-
खलीलाबाद रेलवे स्टेशन सुविधाओं से लैस हो रहा है, लेकिन स्टेशन को आने- जाने वाली सड़क पर किसी का ध्यान नहीं है। जिससे सड़क गड्ढों में तब्दील है। सड़क की मरम्मत कराए जाने की जरूरत है।
-दिलीप अग्रहरि, व्यापारी
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त्रिपाठी मार्केट से होकर रेलवे स्टेशन आने- जाने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सड़क गड्ढों में तब्दील है और इस समय गड्ढों में पानी भर गया है। जिससे काफी परेशानी हो रही है। इस सड़क की मरम्मत कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
-महेंद्र त्रिपाठी, निवासी
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मैं हाजीपुर से बरदहिया मंडी में आया था। हमारी ट्रेन शाम को है। स्टेशन पहले से सुधरा तो है, लेकिन यहां पर पीने के पानी की व्यवस्था ठीक नहीं है। शौचालय की भी व्यवस्था बेहतर नहीं है। सड़क बहुत खराब है।
-सिद्धि कुमार, यात्री
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यहां पर आने में तमाम कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऑटो वाले स्टेशन के प्लेटफाॅर्म संख्या एक की तरफ आने के लिए दस रुपए अतिरिक्त मांगते हैं। पीने के पानी की सुविधा नहीं है।
-अरविन्द कुमार, यात्री
कोट
खलीलाबाद रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाली सड़क के चौड़ीकरण का प्रस्ताव है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू कराए जाने की तैयारी है, जबकि त्रिपाठी मार्केट जाने वाली सड़क को भी जल्द ही दुरुस्त कराया जाएगा।
-अवधेश कुमार, ईओ नगर पालिका परिषद खलीलाबाद
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कोटअमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के तहत प्लेटफार्म पर सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। बैठने की सुविधाओं के साथ ही पानी व शौचालय की सुविधा बेहतर की जा रही है। शीघ्र ही रेलवे स्टेशन बेहतर स्वरूप में दिखेगा।
-एके गौड़, स्टेशन अधीक्षक