फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sant Kabir Nagar News: पहले सभी विभागों में लागू होना चाहिए ऑनलाइन हाजिरी

Thu, 18 Jul 2024 02:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी को लेकर शिक्षक आंदोलित है। जिसके कारण सरकार ने एक माह के लिए स्थगित कर दिया है और समिति का गठन कर दिक्कतों को दूर करने के निर्देश दिए हैं। इधर ऑनलाइन हाजिरी पर बुद्धजीवियों ने अपनी अलग-अलग राय दी है। कुछ का कहना है कि यह स्कूल न जाने वाले शिक्षकों के लिए सही है, लेकिन अगर स्कूल में लागू कर रहे है तो सभी विभागाें में इसे लागू करना चाहिए। भारतीय संविधान से समता का अधिकार दिया है।
विज्ञापन

भारतीय संविधान ने सबको समता का अधिकार दिया है। ऑनलाइन हाजिरी अगर लागू कर रहे है तो सिर्फ एक विभाग पर क्यों लागू कर रहे है। इसे सभी विभागों में लागू किया जाना चाहिए। हां यह जरूर है कि शिक्षकों को दिक्कतें होगी, पर उसमें जो कमियां है उसे दूर किया जाना चाहिए। यह तकनीक विद्यालय न आने वाले शिक्षकों के लिए परेशानी हो सकती है लेकिन जो प्रतिदिन विद्यालय जाते है, उनके लिए कोई परेशानी वाली बात नहीं है।
हीरालाल त्रिपाठी, पूर्व प्रधानाचार्य, मुखलिसपुर इंटर कॉलेज
नई तकनीक आ गई है। यह माध्यमिक शिक्षा के साथ-साथ उच्च शिक्षा में भी होने जा रहा है। शिक्षक समुदाय अपनी जिम्मेदारी समझ रहा है। वह विद्यालय जाकर बच्चों के पठन पाठन में हिस्सा ले रहा है। ऑनलाइन हाजिरी में कोई समस्या नहीं है, लेकिन जो व्यावहारिक दिक्कतें हैं, पहले उसे दूर कर देना चाहिए। दूर के विद्यालय में तैनात शिक्षकों को परेशानी होगी। इसमें उनकी बात को सुनना चाहिए।
विज्ञापन

डॉ. डीएन पांडेय, पूर्व प्राचार्य
ऑनलाइन हाजिरी में व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर किया जाना चाहिए। उसके बाद इसे लागू करना चाहिए। जिन विद्यालयों तक जाने का रास्ता तक नहीं है, वहां पर शिक्षकों की परेशानी को पहले दूर कर दें। बच्चों पर भी हाजिरी का दबाव है। बच्चे पढ़ने जाते है उन्हें शिक्षा दी जाए। इसमें बाधा न पैदा की जाए। प्राइवेट विद्यालयों पर तो कुछ लागू नहीं हो रहा है लेकिन सरकारी विद्यालयों पर तमाम तरह की बंदिशें लगाई जा रही है। पहले व्यावहारिक दिक्कतों को दूर कर दिया जाए।
विज्ञापन

डॉ. विजय कृष्ण ओझा, विभागाध्यक्ष संस्कृति विभाग, एचआरपीजी कॉलेज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें