संवाद न्यूज एजेंसी
लोहरैया। क्षेत्र में संपर्क मार्गों की स्थिति अत्यंत जर्जर है। क्षेत्र का शायद ही कोई ऐसा संपर्क मार्ग हो, जिसकी हालत संतोषजनक कही जा सके। यहां लोहरैया के क्षतिग्रस्त मार्ग से हादसों का खतरा बढ़ रहा है।
सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी गिट्टियां और क्षतिग्रस्त सतह राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई हैं। बरसात के बाद सड़कों की हालत और भी खराब हो गई है। अब इन मार्गों पर आवागमन करना जोखिम भरा साबित हो रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल नहीं दिखाई दे रही है।
क्षेत्र के संठी-शनिचरा मार्ग, लोहरैया-औराडाड़ मार्ग, लोहरैया-औराडाड़ मार्ग पर बारीडीहा गांव के निकट का हिस्सा, सिरसी-मदरहिया मार्ग, डेबरी-हकीमपुर मार्ग, मुंडेरा राय-गनेशपुर मार्ग तथा मुंडेरा शुक्ला-बभनौली मार्ग की हालत बेहद खराब है। इन सड़कों पर आवागमन करने वाले लोगों को आए-दिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहन चालकों को संभलकर चलना पड़ता है, जबकि गड्ढों से बचने के लिए लोग अपने वाहनों का रास्ता बदलने को मजबूर हैं।
सड़कों की बदहाली का असर दैनिक आवागमन पर भी पड़ रहा है। बाइक सवारों, साइकिल चालकों और पैदल राहगीरों के लिए इन रास्तों से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्रों को बाजार, शिक्षण संस्थानों और अन्य जरूरी सुविधाओं से जोड़ने वाले इन संपर्क मार्गों की खराब स्थिति लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। क्षेत्र के विजय बहादुर सिंह, रमेश चौरसिया, सतीश राय, रवि कश्यप आदि का कहना है कि सड़कों की मरम्मत समय रहते नहीं कराई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
क्षतिग्रस्त मार्गों के कारण लोगों को आवागमन में अतिरिक्त समय और संसाधन खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से सड़कों की दशा सुधारने में पहल नहीं किया जा रहा है। लोगों ने सड़क के मरम्मत की मांग की है।
इस संबंध में पीडब्लूडी के एक्सईएन आरके पांडेय ने बताया कि जल्द ही सड़कों की मरम्मत करा दी जाएगी।