संवाद न्यूज एजेंसी
लोहरैया। त्योहारों का मौसम आते ही बाजार में खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। खाद्य तेल, दाल, चीनी, मसाला और सूखे मेवों के दामों में बढ़ोतरी से रसोई का बजट बिगड़ने लगा है।
महंगाई की मार से मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के सामने रोजमर्रा के खर्चों को संभालना मुश्किल हो रहा है। त्योहारों में घरों में मिठाई और पकवान बनाने की परंपरा है लेकिन खाद्य सामग्री महंगी होने से लोगों को अब खर्च में खाद्य तेलों की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ोतरी से भी उपभोक्ता परेशान हैं।
बाजार में सरसों के तेल की कीमत एक माह पहले 185 रुपये किलो थी, जो अब 206 रुपये किलो हो गई है। पाम ऑयल की कीमत 120 रुपये लीटर से बढ़कर 145 रुपये लीटर पहुंच गई है। खाद्य तेलों की कीमतों में इस बदलाव के बीच त्योहारों पर पकवान तैयार करना महंगा पड़ेगा। घरों में पूड़ी, कचौड़ी, मिठाई और अन्य व्यंजन बनाने के लिए अधिक खर्च करना पड़ रहा है, जिससे रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है।
दाल की कीमतें भी आम लोगों को परेशान कर रही है। बाजार में एक माह पहले 110 रुपये किलो बिकने वाली पुखराज दाल अब 150 रुपये किलो तक पहुंच गई है। तुवर दाल की कीमत 110 रुपये से बढ़कर 115 रुपये किलो हो गई है। जीरा के दाम भी बढ़े हैं। प्रति किलो के पीछे 40 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। हल्दी के 100 ग्राम के पैकेट के पीछे 10 रुपये दाम बढ़े हैं।
यही हाल इलायची का है। इसमें भी 70 रुपये किलो के हिसाब से बढ़ोतरी की गई है। दालचीनी भी 100 ग्राम का पैकेट 120 में मिलता था वह अब 140 रुपये में बिक रहा है। त्योहारों पर मिठाई, खीर और अन्य पकवानों में इस्तेमाल होने वाले सूखे मेवे भी महंगे हो गए हैं। पहले 800 रुपये किलो बिकने वाला काजू 1200 रुपये किलो बिक रहा है।
इसी तरह बादाम की कीमत 1100 रुपये से बढ़कर 1300 रुपये किलो हो गई है। बाजार में चीनी कहीं 60 रुपये तो कहीं 65 रुपये किलो बिक रही है।
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