पुनीत कुमार मिश्र संतकबीरनगर। मिड-डे-मील के कन्वर्जन कास्ट के खेल का मामला नया नहीं है। श्रीलाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य का निलंबन हो चुका है। इससे पूर्व में पीबी गर्ल्स इंटर कॉलेज में भी कन्वर्जन कास्ट में अनियमितता का मामला सामने आया था और जून माह में प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया गया था। अगर सही तरीके से जांच हो तो यह खेल कई विद्यालयों में पकड़ा जा सकता है।
श्रीलाल बहादुर शास्त्री इंटर काॅलेज के प्रधानाचार्य पर लगे आरोपों की जांच जीजीआईसी की प्रधानाचार्य सबीहा मुमताज ने किया था। जिसमे काफी अनियमितता मिली थी। छात्रों के साथ शिक्षकों के भी बयान में प्रतिदिन खाना न बनने की बात कही थी। इसके साथ ही छात्र संख्या में हेरा फेरी की गई थी। 20 जनवरी को जांच के दौरान मौके पर 235 छात्र मिले थे। उस दिन एमडीएम पंजिका में छात्र संख्या दर्ज नहीं की गई थी। जबकि अन्य दिनों यह छात्र संख्या 350 से 400 दिखाई गई है।
यही हाल प्रबंधक की जांच में भी छात्र संख्या में हेराफेरी मिली थी। जिसके बाद प्रधानाचार्य राजदेव तिवारी को प्रबंधक ने डीआईओएस के निर्देश पर निलंबित कर दिया है। यह मामला नया नहीं है। इससे पहले पीबी गर्ल्स इंटर कॉलेज खलीलाबाद की प्रधानाचार्य रही अरूंधति को भी एमडीएम के कन्वर्जन कास्ट की हेराफेरी में निलंबित किया जा चुका है। विद्यालय की रसोईया दुधमती ने आईजीआरएस पर 16 अगस्त 2022 को मानदेय न मिलने की शिकायत की थी।
जिसके बाद शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि कोविड काल के दौरान कन्वर्जन कास्ट का पैसा छात्रों को नहीं दिया गया। इसके साथ ही यूनिफार्म के मद में मिले कुछ रकम को भी हड़प लिया गया है।
वित्तीय अनियमितता उजागर होने पर डीआईओएस के निर्देश पर प्रबंधक पवन कुमार ने प्रधानाचार्या अरूंधति को 12 जून 2024 को निलंबित कर दिया था। उनकी जगह सुमन त्रिपाठी को कार्यवाहक प्रधानाचार्य बनाया गया था। शिक्षा विभाग के जानकारों का कहना है कि अगर सही तरीके से सभी विद्यालयों में भेजे गए कन्वर्जन कास्ट की जांच कराई जाए तो कई विद्यालयों में इस तरह की अनियमितता उजागर हो सकती है।